Durga Bhajan 3

दुर्गा सप्तशती - तृतीय अध्याय

दुर्गा सप्तशती (तृतीय अध्याय) – अर्थ सहित
सेनापतियोंसहित महिषासुर का वध
उनके मस्तकपर चन्द्रमाके साथ ही रत्नमय मुकुट बँधा है तथा वे कमलके आसन पर विराजमान हैं। ऐसी देवीको मैं भक्तिपूर्वक प्रणाम करता हूँ।

read more ....

नवदुर्गा - माँ दुर्गा का पहला स्वरूप - माँ शैलपुत्री

देवी शैलपुत्री नव दुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं।

शैलपुत्री दुर्गा का महत्त्व और शक्तियाँ अनन्त हैं।

नवरात्र पूजन में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा और उपासना की जाती है।

read more ....

भवानी अष्टकम - अर्थ सहित

न तातो न माता न बन्धुर्न दाता
न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता।
न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि

read more ....