Suraj Ki Garmi Se Jalte Huye Tan Ko

Ishwar se Prarthna – ईश्वर से प्रार्थना

हे ईश्वर, मुझे सद्‌बुद्धि दो हे प्रभु, मेरे मन को शुद्ध कर दो, पवित्र कर दो हे ईश्वर, मेरे मन को शांत कर दो हे प्रभु, मुझे पवित्र कर दो
हे ईश्वर, हमें सद्‌बुद्धि दो हे प्रभु, सब सुखी हों हे ईश्वर, सब ओर शान्ति ही शान्ति हो हे प्रभु, हमें सब बन्धनों से मुक्त कर दो हे ईश्वर, हमारे सब दु:ख और दुर्गुण दूर कर दो
Prayer
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सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को


जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया।

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया।
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम॥

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया।


भटका हुआ मेरा मन था कोई
मिल ना रहा था सहारा।
लहरों से लडती हुई नाव को जैसे,
मिल ना रहा हो किनारा।

उस लडखडाती हुई नाव को जो
किसी ने किनारा दिखाया।
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम॥

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया


शीतल बने आग चन्दन के जैसी
राघव कृपा हो जो तेरी।
उजयाली पूनम की हो जाये राते
जो थी अमावस अँधेरी॥

युग युग से प्यासी मुरुभूमि ने
जैसे सावन का संदेस पाया।
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम॥

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया


जिस राह की मंजिल तेरा मिलन हो
उस पर कदम मैं बढ़ाऊं।
फूलों मे खारों मे, पतझड़ बहारो मे
मैं ना कभी डगमगाऊँ॥

पानी के प्यासे को तकदीर ने
जैसे जी भर के अमृत पिलाया।
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम॥

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया।
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम॥

Suraj Ki Garmi Se Jalte Huye Tan Ko
Suraj Ki Garmi Se Jalte Huye Tan Ko

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया।


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Prayer Songs

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Suraj Ki Garmi Se Jalte Huye Tan Ko

1. Sharma Bandhu – fim: Parinay (1974)

2. Anup Jalota

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Suraj Ki Garmi Se Jalte Huye Tan Ko


Jaise, Suraj ki garmi se jalte hue tan ko
mil jaaye taruvar ki chhaaya
Aisa hi sukh mere man ko mila hai,
main jab se sharan teri aaya, mere Ram

Suraj ki garmi se jalte hue tan ko
mil jaaye taruvar ki chhaaya

Bhataka hua mera man tha koi
mil na raha tha sahara
Laharon se ladti hui naav ko jaise,
mil na raha ho kinara

Us ladakhadaati hui naav ko jo
kisi ne kinaara dikhaaya
Aisa hi sukh mere man ko mila hai,
main jab se sharan teri aaya, mere Ram

Suraj ki garmi se jalte hue tan ko
mil jaaye taruvar ki chhaaya

Shital bane aag chandan ke jaisi
Raaghav kripa ho jo teri
Ujayaali poonam ki ho jaaye raate
jo thi amaavas andheri

Yug yug se pyaasi murubhoomi ne
jaise saavan ka sandes paaya
Aisa hi sukh mere man ko mila hai,
main jab se sharan teri aaya, mere Ram

Suraj ki garmi se jalte hue tan ko
mil jaaye taruvar ki chhaaya

Jis raah ki manjil tera milan ho
us par kadam main badhaoon
Phoolon me khaaron me,
patjhad bahaaro me
mai na kabhi dag-magaoo

Paani ke pyaase ko takadir ne
Jaise ji bhar ke amrit pilaaya
Aisa hi sukh mere man ko mila hai,
main jab se sharan teri aaya, mere Ram

Suraj ki garmi se jalte hue tan ko
mil jaaye taruvar ki chhaaya
Aisa hi sukh mere man ko mila hai,
main jab se sharan teri aaya, mere Ram

Suraj Ki Garmi Se Jalte Huye Tan Ko
Suraj Ki Garmi Se Jalte Huye Tan Ko

Suraj ki garmi se jalte hue tan ko
mil jaaye taruvar ki chhaaya

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Prayer Songs and Bhajans

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