Aye Malik Tere Bande Hum

Ishwar se Prarthna – ईश्वर से प्रार्थना

हे ईश्वर, मुझे सद्‌बुद्धि दो हे प्रभु, मेरे मन को शुद्ध कर दो, पवित्र कर दो हे ईश्वर, मेरे मन को शांत कर दो हे प्रभु, मुझे पवित्र कर दो
हे ईश्वर, हमें सद्‌बुद्धि दो हे प्रभु, सब सुखी हों हे ईश्वर, सब ओर शान्ति ही शान्ति हो हे प्रभु, हमें सब बन्धनों से मुक्त कर दो हे ईश्वर, हमारे सब दु:ख और दुर्गुण दूर कर दो
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ऐ मालिक तेरे बंदे हम


ऐ मालिक तेरे बंदे हम,
ऐसे हो हमारे करम।

ऐ मालिक तेरे बंदे हम,
ऐसे हो हमारे करम।

नेकी पर चले और बदी से टले,
ताकी हसते हुये निकले दम॥
ऐ मालिक तेरे बंदे हम।

ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम

बड़ा कमजोर है आदमी,
अभी लाखों हैं इस में कमी।

पर तू जो खड़ा, है दयालू बड़ा,
तेरी किरपा से धरती थमी॥

दिया तूने हमें जब जनम,
तू ही झेलेगा हम सब के ग़म।

नेकी पर चले और बदी से टले,
ताकी हसते हुये निकले दम॥
ऐ मालिक तेरे बंदे हम

पर तू जो खड़ा, है दयालू बड़ा, तेरी किरपा से धरती थमी

ये अंधेरा घना छा रहा,
तेरा इन्सान घबरा रहा।

हो रहा बेख़बर, कुछ ना आता नज़र,
सुख का सूरज छुपा जा रहा॥

है तेरी रोशनी में जो दम,
तो अमावस को कर दे पूनम।

नेकी पर चले और बदी से टले,
ताकी हसते हुये निकले दम॥
ऐ मालिक तेरे बंदे हम

है तेरी रोशनी में जो दम, तो अमावस को कर दे पूनम

जब जुल्मों का हो सामना,
तब तू ही हमें थामना।

वो बुराई करे, हम भलाई करे,
नहीं बदले की हो कामना॥

नेकी पर चले और बदी से टले,
ताकी हसते हुये निकले दम॥
ऐ मालिक तेरे बंदे हम


बढ़ उठे प्यार का हर कदम,
और मिटे बैर का ये भरम।
नेकी पर चले और बदी से टले,
ताकी हसते हुये निकले दम॥
ऐ मालिक तेरे बंदे हम

जब जुल्मों का हो सामना, तब तू ही हमें थामना

ऐ मालिक तेरे बंदे हम,
ऐसे हो हमारे करम।
नेकी पर चले और बदी से टले,
ताकी हसते हुये निकले दम॥


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Prayers – Prayer Songs

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ईश्वर से प्रार्थना

ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम।
नेकी पर चले और बदी से टले, ताकी हसते हुये निकले दम॥


हे ईश्वर! आप हमारे सब कर्मोको जाननेवाले हैं; क्योंकि आप घट-घटवासी हैं। आप हमें धन, सम्पत्ति वा आत्मिक कल्याणके लिये अच्छे मार्गसे, शुभमार्गसे ले चलिये। इतना ही नहीं, हे प्रभो! हमारे सम्पूर्ण पापोंको, कुटिलताओंको हमसे दूर करिये, जिससे हम निष्पाप हो सकें।

ये अंधेरा घना छा रहा, तेरा इन्सान घबरा रहा।
हो रहा बेख़बर, कुछ ना आता नज़र, सुख का सूरज छुपा जा रहा॥

हे सम्पूर्ण संसारके प्रकाशक और उत्पन्न करनेवाले प्रभु! हमारे सम्पूर्ण दुरितोंको, पापोंको और पापमयी वासनाओंको हमसे दूर करिये और जो कुछ भी संसारमें शुद्ध है, हमारे लिये कल्याणकारी है, ऐसे उत्तम श्रेष्ठ गुणों वा पदार्थोंको प्राप्त कराइये।


हे स्वामी! मुझपर कृपा कर और अपनी विभूतियोंसे मेरा अन्त:करण भर दे। यदि तू अपनी कृपा और प्रसादसे मुझे सबल नहीं बनायेगा तो यह दुःखार्त जीवन मैं किस प्रकार बिताऊँगा?

हे प्रभु! मैं तेरी इच्छाका अनुसरण कर सकूँ, ऐसी शक्ति मुझे दे। तेरी दृष्टिमें जो उपयुक्त और नम्र जीवन है, मैं अपना वैसा जीवन बना सकूँ-ऐसी बुद्धि दे।

तू ही मेरा ज्ञान है, तू ही मुझको सबसे अधिक जानता है, जगतमें मेरा जन्म होनेके पहले एवं जगतकी सृष्टि होनेके पूर्व भी तू मुझे जानता रहा है। हे जीवन-स्वामी! तेरे चरणों में मैं आत्म-समर्पण करता हूँ।

नेकी पर चले और बदी से टले, ताकी हसते हुये निकले दम॥
ऐ मालिक तेरे बंदे हम


प्रार्थनाका साधारण शब्दोंमें यही अर्थ है – ईश्वर और मानवकी पारस्परिक विश्वासभरी बातचीत। यह पारस्परिक बातचीत आन्तरिक एकताकी ओर संकेत करती है।

प्रार्थनामें हम ईश्वरसे एकता स्थापित करते हैं। प्रार्थनामें हम अपनी सारी बात ईश्वरके समक्ष रख देते हैं। ईश्वर ही जगतके रूपमें अभिव्यक्त है। जगतका सारा सौन्दर्य, सारा वैभव, सारा गौरव, सारी बुद्धिमानी, सारा स्वास्थ्य ईश्वरसे ही प्रस्फुटित हुआ है।

हमें अधिक सौन्दर्यकी आवश्यकता है, हम अधिक नीरोग होना चाहते हैं, हमें व्यापारमें अधिक सफलता चाहिये, हमारे मनमें अधिक आध्यात्मिक उन्नतिकी कामना है – इन सारे – अधिकों की प्राप्ति ईश्वरसे होगी। प्रार्थनाद्वारा हम ईश्वरसे सम्पर्क स्थापित करें।

प्रार्थना एक रचनात्मक और सक्रिय वस्तु है। ज्यों ही हम अपने मंगलके लिये अथवा अपने मित्रके मंगलके लिये प्रार्थना करते हैं, एक नये प्रकारकी चेष्टाका प्रारम्भ हो जाता है। सही विचार-धारा और सही प्रार्थना एक नये जगतका निर्माण प्रारम्भ कर देती है।

मंगलके निधान ईश्वरके प्रति की गयी प्रार्थना हमारे लिये मंगलके द्वार खोल देती है। हमारे अन्तर्मनमें मंगल विचारोंका प्रवाह चल पड़ता है। यही मंगलमयता हमारे जीवनमें, पहले भीतर, फिर बाहर बिखर जाती है।


जीवनमें जो अशुभ है, शरीरमें जो अस्वास्थ्य है, चित्तमें जो अशान्ति है, व्यापारमें जो असफलता है, व्यवहारमें जो अभद्रता है, वह सब केवल इसीलिये है कि न हमारे विचारों में मंगलमयता है और न मंगलमय भगवानसे हमारा सम्पर्क है।

प्रार्थना करना ईश्वरकी सर्वव्यापकताको स्वीकार करना है। सर्वव्यापी ईश्वर मेरे पास हैं, मैं उनके पास हूँ। सर्वसमर्थ ईश्वरके सामीप्यकी यह अनुभूति, यह विश्वास जीवनको दु:खोंसे राहत देती है।

ईश्वरसे एकात्मताका अर्थ है – सम्पूर्ण सद्गुणोंसे एकात्मता।

प्रार्थनाके क्षणोंमें हम अपनी समस्या लेकर ईश्वरके समीप जाते हैं और प्रार्थनामें मिलता है सजीव आशीर्वाद , जो जीवनका जीवन है।

तुम मेरे जीवन हो, जीवनका आनन्द हो, तुम मेरे साथ हो; अतः मेरे जीवनमें आध्यात्मिक आनन्दका अखण्ड स्रोत प्रवाहित है।

ईश्वरका आशीर्वाद ही जीवनका प्रकाशक है।


ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम।
नेकी पर चले और बदी से टले, ताकी हसते हुये निकले दम॥

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Hey Malik tere Bande Hum

Lata Mangeshkar

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Ae Malik tere Bande Hum Lyrics


Aye maalik tere bande hum,
aise ho humaare karam.
Neki par chale aur badi se tale,
taaki hasate huye nikale dam.
Ae maalik tere bande hum.


Bada kamajor hai aadami,
abhi laakhon hain is mein kami.
Par too jo khada, hai dayaaloo bada,
teri kirapa se dharati thumi.

Diya toone humen jab janam,
tu hi jhelega hum sab ke gam.
Neki par chale aur badi se tale,
taaki hasate huye nikale dam.
Ae maalik tere bande hum


Ye andhera ghana chha raha,
tera insaan ghabara raha.
Ho raha bekhabar, kuchh na aata nazar,
sukh ka sooraj chhupa ja raha.

Hai teri roshani mein jo dum,
to amaavas ko kar de poonam.
Neki par chale aur badi se tale,
taaki hasate huye nikale dam.
Ae maalik tere bande hum


Jab julmon ka ho saamana,
tab tu hi humen thaamana.
Woh burai kare, hum bhalai kare,
nahi badale ki ho kaamana.

Neki par chale aur badi se tale,
taaki hasate huye nikale dam.
A maalik tere bande hum


Badh uthe pyaar ka har kadam,
aur mite bair ka ye bharam.
Neki par chale aur badi se tale,
taaki hasate huye nikale dam.
Aye maalik tere bande hum

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Krishna Bhajans

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