Shiv Avatar + Anshavatar


भगवान् शिव के अवतार

भगवान् शिवजी और उनकी शक्ति भगवती शिवा ने भक्तोंके कल्याण के लिए और उनको मोक्ष प्रदान करनेके लिये दस अवतार धारण किये हैं। यद्यपि भगवान् शिव तथा भगवती शिवा अभिन्न हैं, परंतु भक्तोंकी रक्षा लिये वे अवतार ग्रहण करते हैं।

जिस रूपमें भगवान् शिवका प्राकट्य होता है, उसी रूपसे उनकी शक्ति भगवती शिवा भी प्रकट होती हैं।  पुराणोंमें तथा तन्त्र-ग्रन्थोंमें भगवती शिवाके काली, तारा आदि दस महाविद्यारूपोंका वर्णन आया है, उसी प्रकार भगवान् शिवके भी महाकाल आदि दस रूप हैं।

भगवान शिव के ये अवतार अद्भुत शक्त्तियों को धारण करने वाले हैं। शिवपुराणमें इनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है –

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भगवान् शिव के महाकाल आदि दस अवतार

  1. भगवान् सदाशिवका पहला अवतार “महाकाल” है, इस अवतारकी शक्ति “महाकाली” हैं।
  2. दूसरा “तार” नामक अवतार हुआ, जिनकी शक्ति “तारादेवी” हैं।
  3. बाल भुवनेश” नामक भगवान्‌का तीसरा अवतार हुआ, जिनकी शक्ति “बाला भुवनेशी” हुईं।
  4. चौथा अवतार “षोडश श्रीविद्येश” हुआ, जिनकी शक्ति “षोडशी श्रीविद्या” हुईं।
  5. भगवान् शिवका पाँचवाँ अवतार “भैरव” नामसे प्रसिद्ध हुआ, इस अवतारकी शक्तिका नाम “भैरवी गिरिजा” है।
  6. छठा शिवावतार “छिन्नमस्तक” नामसे जाना जाता है, इनकी शक्ति “छिन्नमस्ता” हैं।
    सम्पूर्ण मनोरथोंके दाता साथका सातवाँ अवतार “धूमवान्” नामसे विख्यात हुआ, उनकी शक्ति “धूमावती” हैं।
  7. शिवजीका आठवाँ अवतार “बगलामुख” है, उनकी शक्ति “बगलामुखी” नामसे विख्यात हुईं।
  8. नवाँ शिवावतार “मातङ्ग” नामसे प्रसिद्ध है, इनकी शक्ति “मातंगी” हैं।
  9. भगवान् शिवके दसवें अवतारका नाम “कमल” है, इनकी शक्ति “कमला” हैं।

शिवजीके ये दसों अवतार भक्तों तथा सत्पुरुषोंके लिये सुखदायक तथा भोग-मोक्षको देनेवाले हैं।

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शिव के अंशावतार

भगवान् शिव के महाकाल आदि दस अवतारो के अतिरिक्त्त शिव के अंशावतार का भी उल्लेख भी ‘शिव पुराण’ में हुआ है।
शिवजी के अंशावतार है –
दुर्वासा, हनुमान, महेश, वृषभ,
पिप्पलाद, वैश्यानाथ, द्विजेश्वर,
हंसरूप, अवधूतेश्वर, भिक्षुवर्य,
सुरेश्वर, ब्रह्मचारी, सुनटनतर्क,
द्विज, अश्वत्थामा, नतेश्वर और किरात


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Shiv Bhakti Geet

  • शिव विवाह कथा
    - महाशिवरात्रि (शिवरात्रि) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है।
    यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है।
    माँ दुर्गा अपने पहले स्वरूप में ‘शैलपुत्री’ के नाम से जानी जाती हैं।
    देवी शैलपुत्री ही महादेव कि अर्धांगिनी पार्वती है।
  • शिव शंकर का गुणगान करो
    - शिव शंकर का गुणगान करो,
    शिव भक्ति का रसपान करो।
    जीवन ज्योतिर्मय हो जाए,
    ज्योतिर्लिंगो का ध्यान करो॥
  • शिवषडाक्षरस्तोत्रम् - ॐ कारं बिंदुसंयुक्तं
    - ॐ कारं बिंदुसंयुक्तं
    नित्यं ध्यायंति योगिन:।
    कामदं मोक्षदं चैव
    ॐकाराय नमो नम: ॥
  • भगवान् शिव के अवतार (दस अवतार और उनकी शक्तियां + अंशावतार)
    - भगवान् सदाशिवका पहला अवतार "महाकाल" है,
    इस अवतारकी शक्ति "महाकाली" हैं।
    दूसरा "तार" नामक अवतार हुआ,
    जिनकी शक्ति "तारादेवी" हैं।
  • सांसो की सरगम पे
    - सांसो की सरगम पे धड़कन ये दोहराए
    ओम नमः शिवाय, ओम नमः शिवाय
    भगवन सहारा दे मुश्किल घडी है
    रस्ता दिखा, राही तेरी शरण आए
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Bhajan List

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Shiv Bhajan Lyrics

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Bhajans and Aarti

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Bhakti Song Lyrics

  • जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे
    - जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे
    तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे
    अगर प्रभु से मिलने की दिल में तमन्ना
    करो शुद्ध अन्तःकरन धीरे धीरे
  • इस योग्य हम कहाँ हैं
    - इस योग्य हम कहाँ हैं, भगवन तुम्हें मनायें।
    फिर भी मना रहे हैं, शायद तू मान जाये॥
    जबसे जन्म लिया है, विषयोंने हमको घेरा।
    छल और कपटने डाला, इस भोले मन पे डेरा।
    जब तेरा ध्यान लगायें, माया पुकारती है।
    सुख भोगनेकी इच्छा, कभी तृप्त हो न पाये॥
    इस योग्य हम कहाँ हैं, भगवन तुम्हें मनायें।
  • हम सब मिलके आये दाता तेरे दरबार (सुधांशु जी महाराज)
    - हम सब मिलके आये दाता तेरे दरबार
    भर दे झोली सबकी, तेरे पूर्ण भंडार
    सबसे बढ़के ऊँचा जग मे तेरा दरबार
    भर दे झोली सबकी, तेरे पूर्ण भंडार
    हम सब मिलकर आये दाता तेरे दरबार
  • हे नाथ अब तो ऐसी दया हो (सुधांशु जी महाराज)
    - हे नाथ अब तो ऐसी दया हो
    जीवन निरर्थक जाने न पाए
    ये मन ना जाने क्या क्या कराये
    कुछ बन ना पाए मेरे बनाये
  • भगवान मेरी नैया तुम पार लगा देना
    - भगवान मेरी नैया,
    तुम पार लगा देना।
    अब तक तो निभाया है,
    आगे भी निभा देना॥

भगवान् शिव के अवतार (दस अवतार और उनकी शक्तियां + अंशावतार)

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