Shiv Bhajan 5

वेदसार शिव स्तव - अर्थसहित

वेदसार शिव स्तव – अर्थसहित Stotra Lyrics पशूनां पतिं पापनाशं परेशं गजेन्द्रस्य कृत्तिं वसानं वरेण्यम्। जटाजूटमध्ये स्फुरद्‌गाङ्गवारिं महादेवमेकं स्मरामि स्मरारिम्॥१॥ … Continue reading Vedsar Shiv Stav – with Meaning

read more ....

हे शिव शंकर नटराजा

हे शिव शंकर नटराजा,
मैं तो जनम-जनम का दास तेरा
निसदिन मैं नाम जपू तेरा
शिव शिव, शिव शिव, गुंजत मन मेंरा

read more ....

जय जय हरिहर गौरी शंकर

जय जय हरिहर गौरी शंकर,

ईश्वर दीन दयाला है।

नाव पड़ी मझधार बीच में,
दीखता नही किनारा है।
भोलानाथ महेश्वर शम्भु,
पार लगानेवाला है॥

read more ....