Prayer

या देवी सर्वभूतेषु मंत्र - दुर्गा मंत्र - अर्थ सहित

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
= जो देवी सब प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित हैं,
उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है।

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प्रार्थना का महत्व

प्रार्थनासे बुद्धि शुद्ध होती है। देवताओंकी प्रार्थनासे दैवीशक्ति प्राप्त होती है।
प्रार्थना हृदयसे होनी चाहिये। निरन्तर, आदरपूर्वक, दीर्घकालतक होनेसे वह सफल होती है।
प्रार्थना करनेसे शारीरिक क्लेशोका भी शमन होता है और कामना की पूर्ती होती है।

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दया कर, दान भक्ति का

दया कर, दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना।
दया करना, हमारी आत्मा को शुद्धता देना॥
हमारे ध्यान में आओ, प्रभु आँखों में बस जाओ।
अंधेरे दिल में आकर के परम ज्योति जगा देना॥

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