Krishna Bhajan

छुप-छुप आये श्याम लेके ग्वाल बाल है

छुप-छुप आये श्याम लेके ग्वाल बाल है।
ऐसो री यशोदा ढीठ तेरो नन्दलाल है।
ग्वाल बाल संग लेके, घर मेरे आ गये।
माखन को खाय मेरी मटकी गिरा गये।
अँगूठा दिखावे चाले टेढ़ी-टेढ़ी चाल है॥
ऐसो री हटीलो मैया तेरो नन्दलाल है।

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