Hindi

माँ लक्ष्मी जी की आरती - जय लक्ष्मी माता

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

तुम को निश दिन सेवत, हर-विष्णु-धाता॥
दुर्गा रूप निरंजनि, सुख-सम्पति दाता
जिस घर तुम रहती, सब सद्‍गुण आता

ॐ जय लक्ष्मी माता

read more ....

गणेश जी की कथा - खीर

गणेश जी की कथा – खीर
एक बार गणेश जी, भक्तों की परीक्षा लेने के लिए, एक बालक का रूप धर कर पृथ्वी लोक आते हैं।

read more ....

करवा चौथ व्रत कथा

बहुत समय पहले की बात है,
एक साहूकार के सात बेटे और उनकी एक बहन करवा थी।
सभी सातों भाई अपनी बहन से बहुत प्यार करते थे।

read more ....

गुरु महिमा - कबीर के दोहे

– गुरु गोविंद दोऊँ खड़े, काके लागूं पांय।
– गुरु आज्ञा मानै नहीं, चलै अटपटी चाल।
– गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष।
– सतगुरू की महिमा अनंत, अनंत किया उपकार।

read more ....

कबीर के दोहे - सुमिरन + अर्थसहित

– दु:ख में सुमिरन सब करै, सुख में करै न कोय।
– कबीर सुमिरन सार है, और सकल जंजाल।
– सांस सांस सुमिरन करो, और जतन कछु नाहिं॥
– राम नाम सुमिरन करै, सतगुरु पद निज ध्यान।

read more ....

संत कबीर के दोहे - भक्ति + अर्थसहित

– कामी क्रोधी लालची, इनसे भक्ति ना होय।
– भक्ति बिन नहिं निस्तरे, लाख करे जो कोय।
– भक्ति भक्ति सब कोई कहै, भक्ति न जाने भेद।
– भक्ति जु सीढ़ी मुक्ति की, चढ़े भक्त हरषाय।

read more ....

या देवी सर्वभूतेषु मंत्र - दुर्गा मंत्र - अर्थ सहित

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
= जो देवी सब प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित हैं,
उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है।

read more ....