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नाम जाप की महिमा (ब्रम्हाजी ने नारदमुनी को नाम जपकी महिमा बताई)

सूतजी बोले –
हें मुनियो! इस विषयमें मैं पुराना इतिहास सुनाता हूँ। आप सब लोग ध्यान देकर सुनें। इसके श्रवणसे भगवान् श्रीकृष्णमें भक्ति बढ़ती है।

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प्रार्थना का महत्व

प्रार्थनासे बुद्धि शुद्ध होती है। देवताओंकी प्रार्थनासे दैवीशक्ति प्राप्त होती है।
प्रार्थना हृदयसे होनी चाहिये। निरन्तर, आदरपूर्वक, दीर्घकालतक होनेसे वह सफल होती है।
प्रार्थना करनेसे शारीरिक क्लेशोका भी शमन होता है और कामना की पूर्ती होती है।

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ॐ (ओम) ही सब कुछ है

ईश्वर या परब्रह्मका प्रतीक ॐ है
मनुष्यकी त्रिगुणात्मक प्रकृति सर्वत्र ॐ से ही परिव्याप्त है।
अनन्त कोटि ब्राह्मणोंका अधिष्ठान ॐ से ही हुई है।
इस भौतिक जगत्‌की उत्पत्ति ॐ से ही हुई है।

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मनकी स्वच्छता - अच्छे विचारों का जीवन में महत्व

स्वच्छता दो प्रकारकी होती है एक तो बाह्य दूसरी आंतरिक। दोनों प्रकारकी स्वच्छताओंका मनुष्य के जीवनपर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।
इसलिये मनसे और शरीरसे स्वच्छ रहना मनुष्यका कर्तव्य है।
मनमें बुरे विचारोंको न आने देकर पवित्र विचार करना मानसिक अथवा आंतरिक स्वच्छता है।

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भगवान शिव का यक्षावतार (यक्ष अवतार)

भगवान् शिवने यक्षरूपसे अवतार धारण किया था।
भगवान्‌का यह यक्षावतार अभिमानियोंके अभिमानको दूर करनेवाला तथा साधु पुरुषोंके लिये भक्तिको बढ़ानेवाला है।
भगवान् शंकर ही परम शक्तिमान् हैं, वे ईश्वरोंके भी ईश्वर हैं। उनके बलसे ही सभी बलवान् हैं, उनकी लीला अपरम्पार है।

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हम भगवान्‌में क्यों विश्वास करें?

सत्य और मिथ्या इन दोंनोंमें लोग सत्य को ही चाहते हैं।

जब तक हम सांसारिक वस्तुओंको सत्य समझते हैं तब तक उनको अधिक से अधिक पानेकी आकांक्षा करते हैं,
किन्तु जब वही वस्तुएं हमारी बुद्धिमें असत्य प्रमाणित हो जाती हैं, तब उनके प्रति किसी तरह का आकर्षण नहीं रहता।

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महाशिवरात्रि - शिव विवाह कथा

महाशिवरात्रि (शिवरात्रि) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है।
यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है।
माँ दुर्गा अपने पहले स्वरूप में ‘शैलपुत्री’ के नाम से जानी जाती हैं।
देवी शैलपुत्री ही महादेव कि अर्धांगिनी पार्वती है।

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