Shiv Panchakshar Stotra – Meaning – Hindi

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्मांग रागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय
तस्मै काराय नमः शिवायः

Shri Rameshbhai Oza

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श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र – अर्थ सहित – Lyrics in Hindi


  • श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र के पाँचों श्लोकों में क्रमशः न, म, शि, वा और है।
  • न, म, शि, वा और अर्थात् नम: शिवाय
  • इसलिए यह पंचाक्षर स्तोत्र शिवस्वरूप है।

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्मांग रागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय
तस्मै काराय नमः शिवायः॥

अर्थ (Stotra Meaning in Hindi):

  • नागेंद्रहाराय – हे शंकर, आप नागराज को हार स्वरूप धारण करने वाले हैं
  • त्रिलोचनाय – हे तीन नेत्रों वाले (त्रिलोचन)
  • भस्मांग रागाय – आप भस्म से अलंकृत है
  • महेश्वराय – महेश्वर है
  • नित्याय – नित्य (अनादि एवं अनंत) है और
  • शुद्धाय – शुद्ध हैं
  • दिगंबराय – अम्बर को वस्त्र सामान धारण करने वाले दिगम्बर
  • तस्मै काराय – आपके “” अक्षर द्वारा विदित स्वरूप को
  • नमः शिवायः – हे शिव, नमस्कार है

भावार्थ:

जिनके कंठ मे साँपोंका हार है, जिनके तीन नेत्र हैं, भस्म ही जिनका अंगराग है (अनुलेपन) है, दिशाँए ही जिनके वस्त्र हैं, उन अविनाशी महेश्वर “न” कार स्वरूप शिवको नमस्कार है।


मंदाकिनी सलिल
चंदन चर्चिताय
नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय
तस्मै काराय नमः शिवायः॥

अर्थ (Stotra Meaning in Hindi):

  • मंदाकिनी सलिल – गंगा की धारा द्वारा शोभायमान
  • चंदन चर्चिताय – चन्दन से अलंकृत एवं
  • नंदीश्वर प्रमथनाथ – नन्दीश्वर एवं प्रमथ के स्वामी
  • महेश्वराय – महेश्वर
    (प्रमथ – शिव के गण अथवा पारिषद)
  • मंदारपुष्प – आप सदा मन्दार पर्वत से प्राप्त पुष्पों एवं
  • बहुपुष्प – बहुत से अन्य स्रोतों से प्राप्त पुष्पों द्वारा
  • सुपूजिताय – पुजित है
  • तस्मै काराय – हे “” अक्षर धारी
  • नमः शिवाय – शिव आपको नमन है

भावार्थ:

गंगाजल और चन्दन से जिनकी अर्चा हुई है, मन्दार पुष्प तथा अन्यान्य पुष्पों से जिनकी सुंदर पूजा हुई है, उन नन्दी के अधिपति और प्रमथगणों के स्वामी महेश्वर “म” कार स्वरूप शिव को नमस्कार है।


शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद
सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय
तस्मै शि काराय नमः शिवायः॥

अर्थ (Stotra Meaning in Hindi):

  • शिवाय – हे शिव,
  • गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय – माँ गौरी के कमल मुख को सूर्य समान तेज प्रदान करने वाले,
  • दक्षाध्वरनाशकाय – आपने ही दक्ष के दम्भ यज्ञ का विनाश किया था
  • श्री नीलकंठाय – नीलकण्ठ
  • वृषभद्धजाय – हे धर्म ध्वज धारी
  • तस्मै शि काराय – आपके “शि” अक्षर द्वारा जाने जाने वाले स्वरूप को
  • नमः शिवायः – हे शिव, नमस्कार है

भावार्थ:

जो कल्याण स्वरूप हैं, पार्वती जी के मुख कमल को विकसित (प्रसन्न) करने के लिये जो सूर्य स्वरूप हैं, जो राजा दक्ष के यज्ञका नाश करने वाले हैं, जिनकी ध्वजा मे बैलका चिन्ह है, उन शोभाशाली श्री नीलकण्ठ ” शि ” कार स्वरूप शिव को नमस्कार है।


वसिष्ठ कुम्भोद्भव गौतमार्य
मुनींद्र देवार्चित शेखराय।
चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय
तस्मै काराय नमः शिवायः॥

अर्थ (Stotra Meaning in Hindi):

  • वसिष्ठ कुम्भोद्भव गौतमार्य – वषिष्ठ, अगस्त्य, गौतम आदि
  • मुनींद्र देवार्चित शेखराय – मुनियों द्वारा एवं देवगणो द्वारा पुजित देवाधिदेव
  • चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय – आपके सूर्य, चन्द्रमा एवं अग्नि, तीन नेत्र समान हैं
  • तस्मै काराय – आपके “” अक्षर द्वारा विदित स्वरूप को
  • नमः शिवायः – हे शिव नमस्कार है

भावार्थ:

वसिष्ठ, अगस्त्य, और गौतम आदि श्रेष्ठ ऋषि मुनियोंने तथा इन्द्र आदि देवताओंने जिनके मस्तककी पूजा की है। चन्द्रमा, सूर्य और अग्नि जिनके नेत्र है, उन “व” कार स्वरूप शिव को नमस्कार है।


यक्षस्वरूपाय जटाधराय
पिनाकहस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगंबराय
तस्मै काराय नमः शिवायः॥

अर्थ (Stotra Meaning in Hindi):

  • यक्षस्वरूपाय – हे यज्ञ स्वरूप,
  • जटाधराय – जटाधारी शिव
  • पिनाकहस्ताय – पिनाक को धारण करने वाले (पिनाक – शिव का धनुष)
  • सनातनाय – आप आदि, मध्य एवं अंत रहित सनातन है
  • दिव्याय देवाय दिगंबराय – हे दिव्य अम्बर धारी शिव
  • तस्मै काराय – आपके “” अक्षर द्वारा जाने जाने वाले स्वरूप को
  • नमः शिवायः – हे शिव, नमस्कारा है

भावार्थ:

जिन्होंने यक्षरूप धारण किया है, जो जटाधारी हैं, जिनके हाथ मे पिनाक (धनुष) है, जो दिव्य सनातन पुरुष हैं, उन दिगम्बर देव “य” कार स्वरूप शिव को नमस्कार है।


पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः
पठेत् शिव सन्निधौ।
शिवलोकमवाप्नोति
शिवेन सह मोदते॥

अर्थ (Stotra Meaning in Hindi):

  • पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः – जो कोई शिव के इस पंचाक्षर मंत्र का
  • पठेत् शिव सन्निधौ – नित्य ध्यान करता है
  • शिवलोकमवाप्नोति – वह शिव के पुण्य लोक को प्राप्त करता है
  • शिवेन सह मोदते – तथा शिव के साथ सुख पुर्वक निवास करता है

भावार्थ:

जो शिवके समीप इस पवित्र पंचाक्षर मंत्र का पाठ करता है, वह शिवलोकको प्राप्त होता है और वहा शिवजी के साथ आनन्दित होता है।


||इति श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रं सम्पूर्णम्||

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Shiv Bhajans

  • Om Jai Shiv Omkara – Shiv Aarti
    जय शिव ओंकारा, ओम जय शिव ओंकारा।
    ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
    ॥ओम जय शिव ओंकारा॥
  • Shiv Manas Puja – Meaning – Hindi
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    स्नानं च दिव्याम्बरं
    स्तोत्राणि सर्वा गिरो – सम्पूर्ण शब्द आपके स्तोत्र हैं
    यत्कर्म करोमि तत्तदखिलं – इस प्रकार मैं जो-जो कार्य करता हूँ,
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  • Shri Badrinath Stuti – Badrinath Aarti
    पवन मंद सुगंध शीतल,
    हेम मंदिर शोभितम्।
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  • Shiv Rudrashtakam Stotra – with Meaning in Hindi
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  • Shiv Shadakshar Stotra – Hindi
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    ॐकाराय नमो नम: ॥
  • Jyotirlinga Stotram with Meaning
    सौराष्ट्रे सोमनाथं च
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  • Shiv Manas Puja – Shiv Stotra
    रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः
    स्नानं च दिव्याम्बरं
    नानारत्न विभूषितं मृगमदा
    मोदाङ्कितं चन्दनम्।
  • Shiv Tandav Stotra
    जटाटवीगलज्जल प्रवाह पावितस्थले
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  • Shiv Rudrashtakam Stotra – Namaamisham-ishaan nirvan-rupam
    नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
    विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्।
    निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
    चिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्॥
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Bhajan List

Shiv Bhajans – Hindi
Shiv Stotra
Bhajan, Aarti, Chalisa, Dohe – Hindi List

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Shiv Bhajan Lyrics

  • Shiv Shankar Ko Jisne Puja
    शिव शंकर को जिसने पूजा,
    उसका ही उद्धार हुआ
    अंत:काल को भवसागर में,
    उसका बेडा पार हुआ

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    ओम सुन्दरम ओंकार सुन्दरम
    शिव सुन्दरम शिव नाम सुन्दरम
    शिव वन्दनं शिव नाम वन्दनं
    शिव धाम वन्दनं
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    सुबह सुबह ले शिव का नाम,
    कर ले बन्दे यह शुभ काम
    ओम नमः शिवाय, ओम नमः शिवाय
    ओम नमः शिवाय, ओम नमः शिवाय
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    ऐसी सुबह ना आए, आए ना ऐसी शाम।
    जिस दिन जुबा पे मेरी आए ना शिव का नाम॥
    मन मंदिर में वास है तेरा, तेरी छवि बसाई।
    प्यासी आत्मा बनके जोगन, तेरी शरण में आई।
    ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
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    बिगड़ी मेरी बना दो, दुःख दर्द सब मिटा दो,
    दुःख सब के हरने वाले, मेरे बाबा भोले भाले,
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Bhajans and Aarti

  • Mera Aapki Kripa Se Sab Kaam Ho Raha Hai
    Mera aapki kripa se,
    sab kaam ho raha hai.
    Karte ho tum Kanhaiya,
    mera naam ho raha hai.
    Teri prerana se hi sab
    ye kamaal ho raha hain.
  • Sunderkand – 01
    जामवंत के बचन सुहाए।
    सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥
    तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई।
    सहि दुख कंद मूल फल खाई॥
    जाम्बवान के सुहावने वचन सुनकर हनुमानजी को अपने मन में वे वचन बहुत अच्छे लगे॥
  • Aaj Mangalwar Hai, Mahaveer Ka Vaar Hai
    Aaj mangalwar hai, Mahaveer ka vaar hai,
    yeh sachcha darbaar hai
    Sachche man se jo koi dhyaave,
    Uska beda paar hai
  • Hanuman Aarti – Aarti Kije Hanuman Lala Ki
    Aarati kijai Hanuman lalaa ki
    Dusht-dalan Raghunath kalaa ki
    Jaake bal se girivar kaanpe
    Rog-dosh jaake nikat na jhaanpe
  • Ram Naam Ati Meetha Hai
    राम नाम अति मीठा है, कोई गा के देख ले
    आ जाते है राम, कोई बुला के देख ले
    जिस घर में अंधकार,
    वहां मेहमान कहां से आए।
    जिस मन में अभिमान,
    वहां भगवान कहा से आए॥
  • Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan
    Hey dukh bhanjan Maruti Nandan,
    sun lo meri pukaar
    Pawansut vinti barambar
    Pawansut vinti barambar
  • Ab Saup Diya Is Jeevan Ka Sab Bhar
    अब सौंप दिया इस जीवन का,
    सब भार तुम्हारे हाथों में
    है जीत तुम्हारे हाथों में,
    और हार तुम्हारे हाथों में
  • Shri Ramchandra Kripalu Bhajman – Meaning
    श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन
    हरण भवभय दारुणम्।
    नवकंज-लोचन कंज-मुख
    कर-कंज पद-कंजारुणम्॥
    श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन - हे मन, कृपालु (कृपा करनेवाले, दया करनेवाले) भगवान श्रीरामचंद्रजी का भजन कर
  • Itni Shakti Hame Dena Data
    इतनी शक्ति हमें देना दाता
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    हम चले नेक रस्ते पे हमसे
    भूलकर भी कोई भूल हो ना॥
  • Mere Data Ke Darbar Me – Hindi
    मेरे दाता के दरबार में, सब लोगो का खाता।
    जो कोई जैसी करनी करता, वैसा ही फल पाता॥
    क्या साधू क्या संत गृहस्थी, क्या राजा क्या रानी।
    प्रभू की पुस्तक में लिक्खी है, सबकी कर्म कहानी।
    अन्तर्यामी अन्दर बैठा, सबका हिसाब लगाता॥
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Bhakti Geet Lyrics

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