Sundarkand Audio Chaupai and Dohe (1 to 60) – List

For Sunderkand Chaupai with Meaning
जामवंत के बचन सुहाए। सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥
– जाम्बवान के सुहावने वचन सुनकर हनुमानजी को अपने मन में वे वचन बहुत अच्छे लगे॥
सुन्दरकाण्ड अर्थसहित पढ़ने के लिए बटन पर क्लिक करे >>

_

Hanuman Chalisa and Aarti

Hanuman Chalisa Download
हनुमान चालीसा (हिन्दी)


Hanuman Aarti Download
श्री हनुमान आरती (हिन्दी)

_
_

Sunderkand Chaupai + Dohe Audio (Index)

  • सुंदरकाण्ड – 1 to 6
    • हनुमानजी का सीता शोध के लिए लंका प्रस्थान
    • सुरसा से भेंट
    • हनुमानजी की छाया पकड़ने वाले राक्षस से भेंट
    • लंकिनी से भेंट
    • लंका में सीताजी की खोज
    • हनुमानजी की विभीषण से भेंट

  • सुंदरकाण्ड – 6 to 12
    • हनुमानजी और विभीषण का संवाद – श्रीराम की महिमा
    • हनुमानजी और विभीषण का संवाद
    • अशोक वाटिका में रावण
    • रावण और सीताजी का संवाद
    • त्रिजटा का स्वप्न
    • सीताजी और त्रिजटा का संवाद
    • त्रिजटा ने सीताजी को सान्तवना दी

  • सुंदरकाण्ड – 13 to 18
    • हनुमान सीताजी से मिले
    • हनुमान ने सीताजी को आश्वासन दिया
    • हनुमान ने सीताजीको रामचन्द्रजीका सन्देश दिया
    • सीताजीके मन में संदेह
    • सिताजीने हनुमानको आशीर्वाद दिया
    • हनुमानजीने अशोकवनमें फल खाने की आज्ञा मांगी
    • अशोक वाटिका विध्वंस और अक्षय कुमार का वध

  • सुंदरकाण्ड – 19 to 24
    • हनुमानजी का मेघनाद से युद्ध
    • मेघनादने ब्रम्हास्त्र चलाया
    • मेघनाद हनुमानजी को बंदी बनाकर रावणकी सभा में ले गया
    • हनुमानजी और रावण का संवाद
    • हनुमानजी का रावण को समझाना
    • रावण ने हनुमानजी की पूँछ जलाने का हुक्म दिया

  • सुंदरकाण्ड – 25 to 30
    • राक्षसोंने हनुमानजी की पूँछ में आग लगा दी
    • लंका दहन – हनुमानजी ने लंका जलाई
    • हनुमानजी लंकासे लौटने से पहले सीताजी से मिले
    • हनुमानजीका लंका से वापिस लौटना
    • हनुमानजी सुग्रीव से मिले
    • हनुमानजी और सुग्रीव रामचन्द्रजी से मिले

_

For more bhajans from category, Click -

-
-

_
  • सुंदरकाण्ड – 31 to 36
    • हनुमानजी ने श्रीराम को सीताजी का सन्देश दिया
    • रामचन्द्रजी और हनुमान का संवाद
    • श्री राम और हनुमानजी का संवाद
    • श्री राम का वानरों की सेना के साथ समुद्र तट पर जाना
    • मंदोदरी और रावण का संवाद

  • सुंदरकाण्ड – 37 to 42
    • रावण और मंदोदरी का संवाद
    • विभीषण का रावण को समझाना
    • विभीषण और माल्यावान का रावण को समझाना
    • विभीषण का अपमान
    • विभीषण का प्रभु श्रीरामकी शरण के लिए प्रस्थान

  • सुंदरकाण्ड – 43 to 48
    • विभीषण का प्रभु श्रीरामकी शरण के लिए प्रस्थान
    • विभीषण को भगवान रामकी शरण प्राप्ति
    • भगवान् श्री राम की महिमा
    • प्रभु श्री रामचंद्रजी की महिमा

  • सुंदरकाण्ड – 49 to 54
    • विभीषण की भगवान् श्रो रामसे प्रार्थना
    • समुद्र पार करने के लिए विचार
    • रावणदूत शुक का आना
    • लक्ष्मणजी के पत्र को लेकर रावणदूत का लौटना
    • दूत का रावण को समझाना

  • सुंदरकाण्ड – 55 to 60
    • रावणदूत शुक का रावण को समझाना
    • समुद्र पर श्री रामजी का क्रोध
    • समुद्र की श्री राम से विनती
    • हनुमान चालीसा + आरती
_

Sunderkand is the fifth book in the Hindu epic, Ramayana and Ramcharitmanas. It depicts the adventures of Hanuman. This is the only chapter of the Ramayana in which the hero is not Rama, but rather Hanuman. Hanumanji’s strength and devotion to Shree Rama are emphasized in Sunderkand.