Bhajan List – D

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Bhajan List – D


  • Daily Morning Mantras
    - Morning Mantra प्रात: कर-दर्शन सुबह नींद से जागने के बाद सबसे पहले अपनी हथेलियोंको देखकर यह मंत्र बोलना चाहिये। कराग्रे … Continue reading Daily Morning Mantra – Hindi
  • दर्शन दो घनश्याम नाथ
    - दर्शन दो घनश्याम नाथ,
    मोरी अंखियाँ प्यासी रे
    मन मंदिर की ज्योत जगा दो,
    घट घट वासी रे
    मंदिर मंदिर मूरत तेरी,
    फिर भी न दिखे सूरत तेरी
  • दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया
    - दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया।
    राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया॥
    नाम का प्रकाश, जब अंदर जगायेगा।
    प्यारे श्री राम का, तू दर्शन पायेगा।
  • दया कर, दान भक्ति का
    - दया कर, दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना।
    दया करना, हमारी आत्मा को शुद्धता देना॥
    हमारे ध्यान में आओ, प्रभु आँखों में बस जाओ।
    अंधेरे दिल में आकर के परम ज्योति जगा देना॥
  • दे माँ, निज चरणों का प्यार - प्रार्थना
    - Jai Jai Maa, Jai Maa
    De maa, nij charno ka pyar
    De maa, nij charno ka pya
    Jai Jai Maa, Jai Maa
  • देख तेरे संसार की हालत
    - Video + Lyrics
  • देख तेरे संसार की हालत, क्या हो गई भगवान। कितना बदल गया इंसान
  • Dekh Tere Sansar Ki Halat - Kitna Badal Gaya Insaan
    - Video + Lyrics
  • Dekh tere sansar ki halat, kya ho gayi bhagwan. Kitna badal gaya insaan
  • देना हो तो दीजिए, जनम जनम का साथ
    - Dena ho to dijiye, janam janam ka saath
    Mere sar par rakh Girdhari
    Apne dono yeh haath
    Dene wale Shyam Prabhu se
    dhan aur daulat kya maange
    Mere jeevan mein ab kar de
    tu kripa ki barsaat
  • देते है भक्तो को भक्ति का मेवा
    - देते है भक्तो को भक्ति का मेवा
    बोलो जय जय गणेश, जय गणेश देवा
    प्रथम पूज्य है गणेश, छवि उनकी न्यारी
    पहचान है जिनकी मूषक सवारी
  • देवा हो देवा, गणपति देवा
    - बिन मांगे पूरी हो जाए,
    जो भी इच्छा हो मन की
    माँगने सब आते हैं
    पहले सच्चा भक्त ही है पाता
  • देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा
    - देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा
    देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा
    ज्वाला सी जलती है आँखो मे जिसके भी
    दिल मे तेरा नाम है
    परवाह ही क्या उसका आरंभ कैसा है
    और कैसा परिणाम है
  • सम्पूर्ण देवी सूक्तम् - या देवी सर्वभूतेषु
    - Namo Devyai Mahaadevyai
    Shivayai satatam namah
    Namah Prakrityai Bhadraayai
    Niyataah Pranataah sma-taam||
  • दिल की हर धड़कन से, तेरा नाम निकलता है
    - दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
    तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
    जन्मो पे जनम लेकर मै हार गया मोहन
    दर्शन बिन व्यर्थ हुआ हर बार मेरा जीवन
    अब धैर्य नहीं मुझमे इतना तू परखता है
    दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
  • दिल वाली पालकी
    - Dil wali palki wich
    tenu maa bithana hai.
    Chal mere naal tenu
    ghar laike jaana ai.
  • दिलबर की अदा निराली है
    - दिलबर की अदा निराली है
    दिल छीन लिया उसने मेरा
    प्यारे की सूरत प्यारी है
    दिन रात तड़पता रहता हु
    घनश्याम तुम्हारी यादो में
    हे सर्वेश्वर, हे कृष्णा प्रिय
    आकर के बाह पकड़ मेरी
    माया ने मुझको घेरा है
  • कबीर के दोहे
    - कबीर के दोहे – Kabir ke Dohe in Hindi   संगति – कबीर के दोहे भक्ति – कबीर के दोहे … Continue reading Dohe – List – Hindi
  • दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी
    - Door nagari, badi door nagari
    Kaise aau mai Kanhaiya, teri Gokul nagari
    Kanha door nagari, badi door nagari
    Raat mein aau to Kanha, dar mohe laage
    Din mein aau to, dekhe saari nagari
    Badi door nagari
  • दुःख सुख दोनो कुछ पल के
    - दुःख सुख दोनो कुछ पल के
    कब आये कब जाये
    दुःख है ढलते सूरज जैसा
    शाम ढले ढल जाये
  • दुनिया चले ना श्री राम के बिना
    - Duniya chale na Shri Ram ke bina,
    Ram ji chale na Hanuman ke bina
    Jab se Ramayan padh li hai,
    Ek baat maine samajh li hai
    Ravan mare na Shri Ram ke bina,
    Lanka jale na Hanuman ke bina
  • दुनिया के मालिक को भगवान कहते हैं
    - Duniya ke malik ko bhagwan kehte hai
    Duniya ke malik ko bhagwan kehte hai
    Sankat ke saathi ko Hanuman kehte hain
    Sankat ke saathi ko Hanuman kehte hain
  • दुनिया मे देव हजारो हैं, बजरंग बली का क्या कहना
    - Duniya me dev hazaro hai,
    Bajrangbali ka kya kehna.
    Inaki shakti ka kya kahana,
    inaki bhakti ka kya kahana.
  • दुनिया रचने वाले को भगवान कहते हैं
    - Duniya rachne wale ko
    bhagwan kehte hai,
    Aur sankat harne wale ko
    Hanuman kehte hain
  • दुर्गा चालीसा - नमो नमो दुर्गे सुख करनी
    - Namo namo Durge sukh karani
    Namo namo Ambe duhkh harani
    Nirankaar hai jyoti tumhaari
    Tihun lok phaili ujiyaari
  • दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ
    - Durga hai meri maa,
    Ambe hai meri maa
    Bolo Jai Mata Di, jai ho
    Jo bhi dar pe aaye, jai ho
    Wo khaali na jae, jai ho
  • दुर्गा सप्तशती - प्रथम अध्याय
    - मेधा ऋषि का - राजा सुरथ और समाधि को - भगवती की महिमा बताते हुए - मधु और कैटभ वध का प्रसंग सुनाना।
    महाकाली जी का ध्यान मन्त्र
    ॐ नमश्चण्डिकायै - ॐ चण्डीदेवीको नमस्कार है।
  • दुर्गा सप्तशती - द्वितीय अध्याय
    - दुर्गा सप्तशती (द्वितीय अध्याय) - अर्थ सहित देवताओं के तेज से - देवी दुर्गा का प्रादुर्भाव और - महिषासुर की सेना का वध
    महिषासुर-मर्दिनी भगवती महालक्ष्मीका का ध्यान मन्त्र
  • दुर्गा सप्तशती - तृतीय अध्याय
    - दुर्गा सप्तशती (तृतीय अध्याय) - अर्थ सहित
    सेनापतियोंसहित महिषासुर का वध
    उनके मस्तकपर चन्द्रमाके साथ ही रत्नमय मुकुट बँधा है तथा वे कमलके आसन पर विराजमान हैं। ऐसी देवीको मैं भक्तिपूर्वक प्रणाम करता हूँ।
  • दुर्गा सप्तशती - चौथा अध्याय
    - श्री दुर्गा सप्तशती (चौथा अध्याय) - अर्थ सहित
    इन्द्रादि देवताओं द्वारा देवीकी स्तुति
    चण्डिके! पूर्व, पश्चिम और दक्षिण दिशामें आप हमारी रक्षा करें तथा
    ईश्वरि! अपने त्रिशूलको घुमाकर आप उत्तर दिशामें भी हमारी रक्षा करें।
  • दुर्गा सप्तशती - पाँचवाँ अध्याय
    - पाँचवाँ अध्याय (श्री दुर्गा सप्तशती) - अर्थ सहित
    देवताओंद्वारा देवीकी स्तुति,
    या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः
  • दुर्गा सप्तशती - छठा अध्याय
    - छठा अध्याय (श्री दुर्गा सप्तशती) - अर्थ सहित
    धूम्रलोचन-वध
    देवीने धूम्रलोचन असुरको मार डाला तथा उसके सिंहने सारी सेनाका सफाया कर डाला
  • दुर्गा सप्तशती - सातवा अध्याय
    - सातवा अध्याय (श्री दुर्गा सप्तशती) - अर्थ सहित
    चण्ड और मुण्डका वध
    देवि! तुम चंड और मुंड को लेकर मेरे पास आयी हो,
    इसलिए संसार में चांमुडा के नाम से तुम्हारी ख्याति होगी।
  • दुर्गा सप्तशती - आठवां अध्याय
    - आठवां अध्याय (श्री दुर्गा सप्तशती) - अर्थ सहित
    रक्तबीज-वध
    मैं भवानीका ध्यान करता हूँ। उनके शरीरका रंग लाल है, नेत्रोंमें करुणा लहरा रही है
    तथा हाथोंमें पाश, अंकुश, बाण और धनुष शोभा पाते हैं ।
  • दुर्गा सप्तशती - नवा अध्याय
    - नवा अध्याय (श्री दुर्गा सप्तशती) - अर्थ सहित
    निशुंभ का वध
    मैं अर्धनारीश्वरके श्रीविग्रहकी निरन्तर शरण लेता हूँ।
    वह अपनी भुजाओंमें सुन्दर अक्षमाला, पाश,. और वरद-मुद्रा धारण करता है
  • दुर्गा सप्तशती - दसवाँ अध्याय
    - दसवाँ अध्याय (श्री दुर्गा सप्तशती) - अर्थ सह

    निशुंभ का वध
    मैं मस्तकपर अर्धचन्द्र धारण करनेवाली शिवशक्तिस्वरूपा भगवतीका हृदयमें चिन्तन करता हूँ।
    सूर्य, चन्द्रमा और अग्रि-ये ही तीन उनके नेत्र हैं
  • दुर्गा सप्तशती - ग्यारहवां अध्याय
    - ग्यारहवां अध्याय (श्री दुर्गा सप्तशती) - अर्थ सहित
    देवताओंद्वारा देवीकी स्तुति तथा देवीद्वारा देवताओंको वरदान
    (जगदंबा द्वारा देवताऒं को रक्षा का वरदान) मैं भुवनेश्वरी देवीका ध्यान करता हूँ।
    उनके श्रीअंगोकी आभा प्रभातकालके सूर्यके समान है और मस्तकपर चन्द्रमाका मुकुट है
  • दुर्गा सप्तशती - बारहवां अध्याय
    - बारहवां अध्याय (श्री दुर्गा सप्तशती) - अर्थ सहित
    देवी-चरित्रों के पाठ का माहात्म्य
    मैं तीन नेत्रोंवाली दुर्गादेवीका ध्यान करता हूँ,
    उनके श्रीअंगोकी प्रभा बिजलीके समान है।
    उनका स्वरूप अग्रिमय है तथा वे माथेपर चन्द्रमाका मुकुट धारण करती हैं।
  • दुर्गा सप्तशती - तेरहवां अध्याय
    - तेरहवां अध्याय (श्री दुर्गा सप्तशती) - अर्थ सहित
    सुरथ और वैश्य को देवी का वरदान
    जो उदयकालके सूर्यमण्डलकी-सी कान्ति धारण करनेवाली हैं,
    उन शिवादेवीका मैं ध्यान करता हूँ।
  • दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी - दुर्गा देवी आरती
    - Durge durghat bhari tujvin sansari
    Anaath-nathe Ambe karuna vistari
    Jai Devi, Jai Devi Mahishasur-mathini
    Survar ishwar varde taarak sanjivani
    Jai Devi, Jai Devi
  • Ya Devi Sarva Bhuteshu Mantra - Durga Mantra - Meaning
    - Ya Devi sarvabhuteshu
    Shakti-rupen sansthita.
    Namas-tasyai namas-tasyai,
    namas-tasyai namo namaha
    To that devi who lives in all beings in the form of shakti, power, strength.
    Salutations to her, salutations, salutations again and again.
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Bhajan List – D

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