Kshama Karo Tum Mere Prabhuji

Ishwar se Prarthna – ईश्वर से प्रार्थना

हे ईश्वर, मुझे सद्‌बुद्धि दो हे प्रभु, मेरे मन को शुद्ध कर दो, पवित्र कर दो हे ईश्वर, मेरे मन को शांत कर दो हे प्रभु, मुझे पवित्र कर दो
हे ईश्वर, हमें सद्‌बुद्धि दो हे प्रभु, सब सुखी हों हे ईश्वर, सब ओर शान्ति ही शान्ति हो हे प्रभु, हमें सब बन्धनों से मुक्त कर दो हे ईश्वर, हमारे सब दु:ख और दुर्गुण दूर कर दो

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क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी


क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध

धो डालो तन की चादर को,
लगे है उसमे जो भी दाग

क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध
क्षमा करो..


तुम तो प्रभुजी मानसरोवर,
अमृत जल से भरे हुए

पारस तुम हो, इक लोहा मै,
कंचन होवे जो ही छुवे

तज के जग की सारी माया,
तुमसे कर लू मै अनुराग

धो डालो तन की चादर को,
लगे है उसमे जो भी दाग

क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध
क्षमा करो..


काम क्रोध में फंसा रहा मन,
सच्ची डगर नहीं जानी

लोभ मोह मद में रहकर प्रभु,
कर डाली मनमानी

मनमानी में दिशा गलत लें,
पंहुचा वहां जहाँ है आग

धो डालो तन की चादर को,
लगे है उसमे जो भी दाग

क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध
क्षमा करो..


इस सुन्दर तन की रचना कर,
तुमने जो उपकार किया

हमने उस सुन्दर तन पर प्रभु,
अपराधो का भार दिया

नारायण अब शरण तुम्हारे,
तुमसे प्रीत होये निज राग

क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध


क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,
अब तक के सारे अपराध

धो डालो तन की चादर को,
लगे है उसमे जो भी दाग

क्षमा करो, क्षमा करो

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Prayers – Prayer Songs

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Kshama Karo Tum Mere Prabhuji

Anup Jalota

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Kshama Karo Tum Mere Prabhuji

Kshama karo tum mere Prabhuji,
ab tak ke saare aparadh

Dho daalo tan ki chaadar ko,
lage hai usame jo bhi daag

Kshama karo tum mere Prabhuji,
ab tak ke saare aparadh


Tum to Prabhuji maanasarovar,
amrit jal se bhare hue

Paaras tum ho, ik loha mai,
kanchan hove jo hi chhuve

Taj ke jag ki saari maaya,
tumase kar loo mai anuraag

Dho daalo tan ki chaadar ko,
lage hai usame jo bhi daag

Kshama karo tum mere Prabhuji,
ab tak ke saare aparadh


Kaam krodh mein phansa raha man,
sachchi dagar nahin jaani

Lobh moh mad mein rahakar prabhu,
kar daali manamaani

Manamaani mein disha galat len,
panhucha vahaan jahaan hai aag

Dho daalo tan ki chaadar ko,
lage hai usame jo bhi daag

Kshama karo tum mere Prabhuji,
ab tak ke saare aparadh


Is sundar tan ki rachana kar,
tumne jo upakaar kiya

Hamane us sundar tan par prabhu,
aparaadho ka bhaar diya

Narayan ab sharan tumhaare,
tumse prit hoye nij raag

Kshama karo tum mere Prabhuji,
ab tak ke saare aparadh

Dho daalo tan ki chaadar ko,
lage hai usame jo bhi daag

Kshama karo, kshama karo

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