Uth Naam Simar, Mat Soye Raho – Hindi

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा
जब चिडियों ने चुग खेत लिया,
फिर हाथ कुछ ना आयेगा

सुधांशु जी महाराज (Sudhanshu ji Maharaj)

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Uth Naam Simar, Mat Soye Raho – Lyrics in Hindi


उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा

Uth Naam Simar Shree Ram

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा

जब चिडियों ने चुग खेत लिया,
फिर हाथ कुछ ना आयेगा

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा


हास विलास में बीती ये उमरिया,
बहुत गई, रही थोड़ी उमरिया

जल गया दीपक, बुझ गयी बाती,
कोई न राह दिखायेगा

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा


पाप भोग से भरली गठरिया,
जाना रे तुझको और नगरिया

जैसा करेगा वैसा भरेगा,
कोई ना साथ निभाएगा

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा


राम नाम धन भर लो खजाना,
रहना नहीं ये देश बेगाना

प्रभु के सेवक होकर रहिये,
प्रभु के चाकर होकर रहिये,
भाव सागर तर जायेगा

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा


उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा

जब चिडियों ने चुग खेत लिया,
फिर हाथ कुछ ना आयेगा

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा


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Ram Bhajans

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    Lyrics
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हरी सुमिरन

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चेत कर नर, चेत कर, गफलतमें सोना छोड़ दे।
जाग उठ तत्काल, हरि-चरणोंमें चितको जोड़ दे॥


उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा
जब चिडियों ने चुग खेत लिया,
फिर हाथ कुछ ना आयेगा

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Bhajan List

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Ram Bhajan Lyrics

  • सुंदरकाण्ड - 3
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    ये सब वानर सुग्रीवके समान बलवान हैं। इनके बराबर दूसरे करोड़ों वानर हैं, कौन गिन सकता है? ॥
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    ऐसे हैं मेरे राम, ऐसे हैं मेरे राम
    विनय भरा ह्रदय करें सदा जिसे प्रणाम..
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  • सुंदरकाण्ड - चौपाई और दोहे - Audio - 1
    जामवंत के बचन सुहाए।
    सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥
    तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई।
    सहि दुख कंद मूल फल खाई॥
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Bhajans and Aarti

  • शिवजी के १०८ नाम - अर्थ सहित
    शिव - कल्याण स्वरूप
    शंकर - सबका कल्याण करने वाले
    शम्भू - आनंद स्वरूप वाले
    महादेव - देवों के भी देव
    मृत्युंजय - मृत्यु को जीतने वाले
  • तन तो मंदिर है, हृदय है वृन्दावन
    तन तो मंदिर है,
    हृदय है वृन्दावन
    वृन्दावन में है बसे,
    राधिका कृष्ण (किशन)
  • श्री गणेश आरती - आरती गजवदन विनायक की
    आरती गजवदन विनायक की।
    सुर मुनि-पूजित गणनायक की॥
    एकदंत, शशिभाल, गजानन,
    विघ्नविनाशक, शुभगुण कानन,
    दु:खविनाशक, सुखदायक की॥
  • राम बिनु तन को ताप न जाई
    राम बिनु तन को ताप न जाई
    जल में अगन रही अधिकाई।
    राम बिनु तन को ताप न जाई॥
    राम बिनु तन को ताप न जाई॥
  • एक आस तुम्हारी है, विश्वास तुम्हारा है
    एक आस तुम्हारी है, विश्वास तुम्हारा है
    अब तेरे सिवा बाबा, कहो कौन हमारा है
    फूलों में महक तुमसे, तारों में चमक तुमसे
    जिस ओर नज़र डालू, तेरा ही नजारा है
    घनश्याम दरस देदो, कोई न हमारा है
    अब तेरे सिवा बाबा, कहो कौन हमारा है
  • गाइये गणपति जगवंदन
    गाइये गणपति जगवंदन
    शंकर सुवन भवानी नंदन
    सिद्धि सदन गजवदन विनायक
    कृपा सिंधु सुंदर सब नायक
  • गणेश 108 नाम
    ॐ विनायकाय नमः
    ॐ विघ्न-राजाय नमः
    ॐ गौरी-पुत्राय नमः
    ॐ गणेश्वराय नमः
  • शिव रुद्राष्टकम - अर्थ सहित
    नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
    विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्।
    निराकार – निराकार स्वरुप
    ओमङ्कारमूलं – ओंकार के मूल
  • माटी कहे कुम्हार से
    दुर्बल को ना सतायिये,
    जाकी मोटी हाय।
    बिना जीब के हाय से,
    लोहा भस्म हो जाए॥
  • दुर्गा आरती - जय अम्बे गौरी
    जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
    तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिव री॥
    (श्री) अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।
    कहत शिवानंद स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
    ॥मैया जय अम्बे गौरी॥
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Bhakti Geet Lyrics

  • लखबीर सिंह लक्खा भजन - List
    अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो
    प्यारा सजा है तेरा द्वार, भवानी
    चरणों में रखना, मैया जी
    मेरी मैया की चुनरी कमाल है
  • है कण कण में झांकी भगवान की
    है कण कण में झांकी भगवान् की।
    किसी सूझ वाली आँख ने पहचान की॥
    निगाह मीरा की निराली, पीली जहर की प्याली,
    ऐसा गिरधर बसाया हर श्वास में।
  • अनमोल तेरा जीवन यूँही गँवा रहा है
    अनमोल तेरा जीवन, यूँही गँवा रहा है
    किस और तेरी मंजिल, किस और जा रहा है
    सपनो की नीद में ही, यह रात ढल न जाये
    गिनती की है ये साँसे, यूँही लुटा रहा है
  • ओम सुन्दरम ओंकार सुन्दरम
    ओम सुन्दरम ओंकार सुन्दरम
    शिव सुन्दरम शिव नाम सुन्दरम
    शिव वन्दनं शिव नाम वन्दनं
    शिव धाम वन्दनं
  • वो काला एक बांसुरी वाला
    वो काला एक बांसुरी वाला,
    सुध बिसरा गया मोरी रे।
    माखन चोर जो, नंदकिशोर वो,
    कर गयो मन की चोरी रे॥
    सुध बिसरा गया मोरी

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो

उठ नाम सिमर, मत सोए रहो,
मन अंत समय पछतायेगा
जब चिडियों ने चुग खेत लिया,
फिर हाथ कुछ ना आयेगा

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