Tere Man Mein Ram, Tan Mein Ram – Hindi

तेरे मन में राम, तन में राम,
रोम रोम में राम रे।
राम सुमीर ले, ध्यान लगाले,
छोड़ जगत के काम रे॥
बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम।

Anup Jalota

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Tere Man Mein Ram, Tan Mein Ram – Lyrics


दोहा:
राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट।
अंत काल पछतायेगा, जब प्राण जायेंगे छूट॥


तेरे मन में राम, तन में राम,
तेरे मन में राम, तन में राम,
रोम रोम में राम रे।
राम सुमीर ले, ध्यान लगाले,
छोड़ जगत के काम रे॥

बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम।
बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम॥


माया में तू उलझा उलझा,
दर दर धुल उडाये।
अब क्यों करता मन भारी,
जब माया साथ छुडाए।

दिन तो बीता दोड़ दूप में,
ढल जाए ना शाम रे॥

बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम।
बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम॥

तेरे मन में राम, तन में राम,
रोम रोम में राम रे।
राम सुमीर ले, ध्यान लगाले,
छोड़ जगत के काम रे॥

बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम


तन के भीतर पांच लुटेरे
डाल रहें हैं डेरा।
काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह ने
तुझ को कैसा घेरा।

भूल गया तू राम रटन,
भूला पूजा का काम रे॥

बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम।
बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम॥

तेरे मन में राम, तन में राम,
रोम रोम में राम रे।
राम सुमीर ले, ध्यान लगाले,
छोड़ जगत के काम रे॥

बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम।


बचपन बीता खेल खेल में,
भरी जवानी सोया।
देख बुढापा अब क्यों सोचे,
क्या पाया, क्या खोया।

देर नहीं है अब भी बन्दे,
लेले उस का नाम रे॥

बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम।
बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम॥

तेरे मन में राम, तन में राम,
रोम रोम में राम रे।
राम सुमीर ले, ध्यान लगाले,
छोड़ जगत के काम रे॥

बोलो राम, बोलो राम,
बोलो राम राम राम।


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Ram Bhajans

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Ram Bhajan Lyrics

  • सुंदरकाण्ड - 17
    सुनु लंकेस सकल गुन तोरें।
    तातें तुम्ह अतिसय प्रिय मोरें॥
    राम बचन सुनि बानर जूथा।
    सकल कहहिं जय कृपा बरूथा॥
    हे लंकेश (लंकापति)! सुनो, आपमें सब गुण है और इसीसे आप मुझको अतिशय प्यारें लगते हो॥
  • कभी कभी भगवान को भी
    कभी कभी भगवान को भी
    भक्तों से काम पड़े।
    जाना था गंगा पार,
    प्रभु केवट की नाव चढ़े
  • सुंदरकाण्ड - चौपाई और दोहे - Audio - 10
    ए कपि सब सुग्रीव समाना।
    इन्ह सम कोटिन्ह गनइ को नाना॥
    राम कृपाँ अतुलित बल तिन्हहीं।
    तृन समान त्रैलोकहि गनहीं॥
  • सुंदरकाण्ड - 7
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    परतिहुँ बार कटकु संघारा॥
    तेहिं देखा कपि मुरुछित भयऊ।
    नागपास बाँधेसि लै गयऊ॥
    मेघनादने हनुमानजीपर ब्रम्हास्त्र चलाया, उस ब्रम्हास्त्रसे हनुमानजी गिरने लगे तो गिरते समय भी उन्होंने अपने शरीरसे बहुतसे राक्षसोंका संहार कर डाला॥
  • भजो रे मन, राम नाम सुखदाई
    Bhajo re man, Ram naam sukhdai.
    Ram naam ke do akshar mein.
    Sab sukh shaanti samai.
    Bhajo re man, Ram naam sukhdai.
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Bhajans and Aarti

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