Rama Rama Ratate Ratate – Hindi

रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया॥

Shri Prembhushan Maharaj

_

Rama Rama Ratate Ratate


रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया॥


मैं शबरी भिलनी की जाई,
भजन भाव ना जानु रे।

राम तेरे दर्शन के कारण,
वन में जीवन पालूं रे।

चरणकमल से निर्मल करदो,
दासी की झोपड़िया॥

रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की नगरिया॥


रोज सवेरे वन में जाकर,
फल चुन चुन कर लाऊंगी।

अपने प्रभु के सन्मुख रख के,
प्रेम से भोग लगाऊँगी।

मीठे मीठे बेरों की मैं,
भर लाई छबरिया॥

रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया॥


श्याम सलोनी मोहिनी मूरत,
नैयनो बीच बसाऊंगी।

सुबह शाम नित उठकर मै तो,
तेरा ध्यान लगाऊँगी।
(पद पंकज की रज धर मस्तक,
जीवन सफल बनाउंगी।)

अब क्या प्रभु जी भूल गए हो,
दासी की डगरिया॥

रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया॥


नाथ तेरे दर्शन की प्यासी,
मैं अबला इक नारी हूँ।

दर्शन बिन दोऊ नैना तरसें,
सुनलो बहुत दुखारी हूँ।

हरी रूप में दर्शन देदो,
डालो एक नजरिया॥

रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया॥


For more bhajans from category, Click -

-
-

_

Ram Bhajans

_

Bhajan List

Ram Bhajans – Hindi
krishna Bhajan – Hindi
Bhajan, Aarti, Chalisa, Dohe – List

_
_

Ram Bhajan Lyrics

  • महिमा वरणी ना जाये
    Lyrics
  • महिमा वरणी ना जाये,
    दशरथ नंदन राम की।
    जै बोलो श्रीराम की,
    जै बोलो प्रभु राम की॥

  • सुंदरकाण्ड - 19
    ए कपि सब सुग्रीव समाना।
    इन्ह सम कोटिन्ह गनइ को नाना॥
    राम कृपाँ अतुलित बल तिन्हहीं।
    तृन समान त्रैलोकहि गनहीं॥
    ये सब वानर सुग्रीवके समान बलवान हैं। इनके बराबर दूसरे करोड़ों वानर हैं, कौन गिन सकता है? ॥
  • सुंदरकाण्ड - सरल हिंदी में (1)
    जामवंत के बचन सुहाए।
    सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥
    तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई।
    सहि दुख कंद मूल फल खाई॥
    जाम्बवान के सुहावने वचन सुनकर हनुमानजी को अपने मन में वे वचन बहुत अच्छे लगे॥
  • श्री राम आरती - श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन - अर्थ सहित
    श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन
    हरण भवभय दारुणम्।
    नवकंज-लोचन कंज-मुख
    कर-कंज पद-कंजारुणम्॥
    श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन - हे मन, कृपालु (कृपा करनेवाले, दया करनेवाले) भगवान श्रीरामचंद्रजी का भजन कर
  • प्रभु मोरे अवगुण चित ना धरो
    प्रभु मोरे अवगुण चित ना धरो।
    समदरसी है नाम तिहारो, चाहे तो पार करो.
    एक लोहा पूजा में राखत
    एक घर बधिक परो
    पारस गुण अवगुण नही चितवत
    कंचन करत खरो
_
_

Bhajans and Aarti

_
_

Bhakti Geet Lyrics

_