Raghupati Raghav Raja Ram – Hindi

रघुपति राघव राजाराम

रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम।
सीताराम सीताराम,
भज मन प्यारे सीताराम॥

Hari Om Sharan

_

Raghupati Raghav Raja Ram – Lyrics


रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम।
सीताराम सीताराम,
भज मन प्यारे सीताराम॥

रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम॥


ईश्वर अल्लाह तेरो नाम,
सब को सन्मति दे भगवान।
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम॥


जय रघुनंदन जय सिया राम
जानकी वल्लभ सीताराम।
रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम॥


रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम।
सीताराम सीताराम,
भज मन प्यारे सीताराम॥

रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम॥

_

For more bhajans from category, Click -

-
-

_

Original Lyrics:

(From “Shri Nama Ramayanam” written by Lakshmanacharya)

रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम।

सुंदर विग्रह मेघश्याम
गंगा तुलसी शालग्राम॥

भद्रगिरीश्वर सीताराम
भगत-जनप्रिय सीताराम।

जानकीरमणा सीताराम
जयजय राघव सीताराम॥

रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम॥

_

Ram Bhajans

  • दुःख सुख दोनो कुछ पल के
    दुःख सुख दोनो कुछ पल के
    कब आये कब जाये
    दुःख है ढलते सूरज जैसा
    शाम ढले ढल जाये
  • जहाँ ले चलोगे, वहीं मैं चलूँगा
    जहाँ ले चलोगे, वहीं मैं चलूँगा।
    जहां नाथ रख लोगे, वहीं मैं रहूँगा॥
    यह जीवन समर्पित, चरण में तुम्हारे।
    तुम्ही मेरे सर्वस्व, तुम्ही प्राण प्यारे।
  • सुंदरकाण्ड - 13
    श्रवन सुनी सठ ता करि बानी।
    बिहसा जगत बिदित अभिमानी॥
    सभय सुभाउ नारि कर साचा।
    मंगल महुँ भय मन अति काचा॥
    कवि कहता है कि वो शठ मन्दोदरीकी यह वाणी सुनकर हँसा, क्योंकि उसके अभिमानकौ तमाम संसार जानता है॥
  • सुंदरकाण्ड - 5
    तब देखी मुद्रिका मनोहर।
    राम नाम अंकित अति सुंदर॥
    चकित चितव मुदरी पहिचानी।
    हरष बिषाद हृदयँ अकुलानी॥
    फिर सीताजीने उस मुद्रिकाको देखा तो वह सुन्दर मुद्रिका रामचन्द्रजीके मनोहर नामसे अंकित हो रही थी अर्थात उसपर श्री राम का नाम खुदा हुआ था॥
  • राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई
    राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई
    ये जीवन दो दिन का
    ये तन है सपनो की माया
    आँख खुले कुछ नाही, भजन करो भाई
  • सुंदरकाण्ड - चौपाई और दोहे - Audio - 1
    जामवंत के बचन सुहाए।
    सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥
    तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई।
    सहि दुख कंद मूल फल खाई॥
  • सुंदरकाण्ड - 14
    माल्यवंत अति सचिव सयाना।
    तासु बचन सुनि अति सुख माना॥
    तात अनुज तव नीति बिभूषन।
    सो उर धरहु जो कहत बिभीषन॥
    वहां माल्यावान नाम एक सुबुद्धि मंत्री बैठा हुआ था. वह विभीषणके वचन सुनकर. अतिप्रसन्न हुआ ॥
  • सुंदरकाण्ड - 6
    जौं रघुबीर होति सुधि पाई।
    करते नहिं बिलंबु रघुराई॥
    राम बान रबि उएँ जानकी।
    तम बरुथ कहँ जातुधान की॥
    हे माता! जो रामचन्द्रजीको आपकी खबर मिल जाती तो प्रभु कदापि विलम्ब नहीं करते॥
  • सुंदरकाण्ड - चौपाई और दोहे - Audio - 10
    ए कपि सब सुग्रीव समाना।
    इन्ह सम कोटिन्ह गनइ को नाना॥
    राम कृपाँ अतुलित बल तिन्हहीं।
    तृन समान त्रैलोकहि गनहीं॥
  • ऐसे हैं मेरे राम, ऐसे हैं मेरे राम
    ऐसे हैं मेरे राम, ऐसे हैं मेरे राम
    विनय भरा ह्रदय करें सदा जिसे प्रणाम..
    सरे जग के प्राण है राम
    ऋषि मुनियों का ध्यान है राम
_

Bhajan List

Ram Bhajans – Hindi
krishna Bhajan – Hindi
Bhajan, Aarti, Chalisa, Dohe – List

_
_

Ram Bhajan Lyrics

  • राम रमैया गाए जा
    राम रमैया गाए जा,
    राम से लगन लगाए जा।
    राम ही तारे राम उभारे,
    राम नाम दोहराए जा।
  • दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया
    दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया।
    राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया॥
    नाम का प्रकाश, जब अंदर जगायेगा।
    प्यारे श्री राम का, तू दर्शन पायेगा।
  • मंगल मुरति राम दुलारे - हे बजरंगबली हनुमान
    मंगल मुरति राम दुलारे
    आन पड़ा अब तेरे द्वारे
    हे बजरंगबली हनुमान
    हे महावीर करो कल्याण
  • ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां
    ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां।
    किलकि किलकि उठत धाय, गिरत भूमि लटपटाय
    धाय मात गोद लेत, दशरथ की रनियां
    ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां
  • भजमन राम चरण सुखदाई
    भज मन राम चरण सुखदाई, राम चरण सुखदाई
    जिहि चरननसे निकसी सुरसरि, शंकर जटा समाई।
    जटासंकरी नाम परयो है, त्रिभुवन तारन आई॥
    जिन चरननकी चरनपादूका भरत रह्यो लिव लाई।
_
_

Bhajans and Aarti

  • या देवी सर्वभूतेषु मंत्र - दुर्गा मंत्र - अर्थ सहित
    या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
    या देवी सर्वभूतेषु दया-रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
  • कैलाश के निवासी नमो बार बार
    कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,
    आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू
    भक्तो को कभी शिव तुने निराश ना किया
    माँगा जिन्हें जो चाहा वरदान दे दिया
  • हे त्रिपुरारी, हे गंगाधारी
    हे त्रिपुरारी, हे गंगाधारी, भोले शंकर
    भसम रमाय, भक्त सहाए, हे कैलाश के वासी
    दिखा दो छवि अविनाशी
    है तेरे भक्त अभिलाषी
    अंखिया दर्शन की प्यासी
  • माटी कहे कुम्हार से
    दुर्बल को ना सतायिये,
    जाकी मोटी हाय।
    बिना जीब के हाय से,
    लोहा भस्म हो जाए॥
  • महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र - अयि गिरिनंदिनि
    अयि गिरिनंदिनि नंदितमेदिनि
    विश्वविनोदिनि नंदनुते
    गिरिवर विंध्य शिरोधिनिवासिनि
    विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते।
  • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
    आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
    नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की॥
    बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
    हाथी घोडा पालकी, जय कन्हैया लाल की॥
    जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।
    हाथी घोडा पालकी, जय कन्हैया लाल की॥
  • मुझे अपने ही रंग में रंगले, मेरे यार सांवरे
    मुझे अपने ही रंग में रंगले, मेरे यार सांवरे
    ऐसा रंग तू रंग दे सांवरिया,
    जो उतरे ना जनम जनम तक
    श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया
    बिना रंगाये मैं घर नहीं जाऊँगी
    बीत जाए चाहे सारी उमरिया
  • मेरे मन मंदिर में
    गणपती बाप्पा मोरया,
    अगले बरस तू जल्दी आ
    मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे
    मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे
  • बजरंगबली मेरी नाव चली
    बजरंगबली मेरी नाव चली,
    मेरी नाव को पार लगा देना
    मुझे माया मोह ने घेर लिया,
    संताप ह्रदय का मिटा देना,
  • भवानी अष्टकम
    न तातो न माता न बन्धुर्न दाता
    न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता।
    न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव
    गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥१॥
_
_

New Bhakti Geet Lyrics

  • हेल्लो हाय छोड़िए, जय माता दी बोलिए
    हेल्लो हाय छोड़िए,
    जय माता दी बोलिए।
    एक बार जो सच्चे मन से
    माँ का नाम ध्यायेगा।
    भोली भाली मैया से वो
    मन चाहा फल पायेगा॥
  • शिव शंकर का गुणगान करो
    शिव शंकर का गुणगान करो,
    शिव भक्ति का रसपान करो।
    जीवन ज्योतिर्मय हो जाए,
    ज्योतिर्लिंगो का ध्यान करो॥
  • Jai Laxmi Ramana - Hindi
    जय लक्ष्मीरमणा,
    श्री लक्ष्मी रमणा।
    सत्यनारायण स्वामी,
    सत्यनारायण स्वामी,
    जन पातक हरणा॥
    ॐ जय लक्ष्मी रमणा॥
  • गुरु महिमा - 2 - कबीर के दोहे
    - आछे दिन पाछे गए, गुरु सों किया न हेत।
    - कबीर ते नर अन्ध हैं, गुरु को कहते और।
    - गुरु को सिर राखिये, चलिये आज्ञा माहिं।
    - भक्ति पदारथ तब मिलै, जब गुरु होय सहाय।
  • कबीर के दोहे
    कबीर के दोहे – Kabir ke Dohe in Hindi   संगति – कबीर के दोहे भक्ति – कबीर के दोहे … Continue reading Dohe – List – Hindi
_