Hum Ramji Ke, Ramji Hamare Hai – Hindi

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
मेरे नयनो के तारे है
सारे जग के रखवाले है

Prembhushan ji Maharaj

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Hum Ramji Ke, Ramji Hamare Hai


हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं


मेरे नयनो के तारे है
सारे जग के रखवाले है

हम रामजी के, रामजी हमारे हैं
हम रामजी के, रामजी हमारे हैं


एक भरोसो एक बल, एक आस विश्वास
एक राम घनश्याम हित, जातक तुलसी दास

हम रामजी के, रामजी हमारे हैं
हम रामजी के, रामजी हमारे हैं


जो लाखो पापियों को तारे है
जो अधमन को उद्धारे है
हम उनकी शरण पधारे है

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं


शरणागत आर्त निवारे है
हम इनके सदा सहारे है

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं


गणिका और गिद्ध उद्धारे है
हम खड़े उन्हीके के द्वारे है

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं


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Shree Ram Bhajans

  • तेरे फूलों से भी प्यार
    तेरे फूलों से भी प्यार, तेरे काँटों से भी प्यार
    दाता किसी भी दिशा में ले चल जिंदगी की नाव
    चाहे ख़ुशी भरा संसार, चाहे आंसुओ की धार
    दाता किसी भी दिशा में ले चल जिंदगी की नाव
  • सुंदरकाण्ड - 6
    जौं रघुबीर होति सुधि पाई।
    करते नहिं बिलंबु रघुराई॥
    राम बान रबि उएँ जानकी।
    तम बरुथ कहँ जातुधान की॥
    हे माता! जो रामचन्द्रजीको आपकी खबर मिल जाती तो प्रभु कदापि विलम्ब नहीं करते॥
  • सुंदरकाण्ड - 11
    चलत मोहि चूड़ामनि दीन्ही।
    रघुपति हृदयँ लाइ सोइ लीन्ही॥
    नाथ जुगल लोचन भरि बारी।
    बचन कहे कछु जनककुमारी॥
    और चलते समय मुझको यह चूड़ामणि दिया हे. ऐसे कह कर हनुमानजीने वह चूड़ामणि रामचन्द्रजीको दे दिया। तब रामचन्द्रजीने उस रत्नको लेकर अपनी छातीसे लगाया॥
  • सुंदरकाण्ड - 17
    सुनु लंकेस सकल गुन तोरें।
    तातें तुम्ह अतिसय प्रिय मोरें॥
    राम बचन सुनि बानर जूथा।
    सकल कहहिं जय कृपा बरूथा॥
    हे लंकेश (लंकापति)! सुनो, आपमें सब गुण है और इसीसे आप मुझको अतिशय प्यारें लगते हो॥
  • ना मैं धन चाहूँ, ना रतन चाहूँ
    ना मैं धन चाहूँ, ना रतन चाहूँ
    तेरे चरणों की धूल मिल जाए,
    तो मैं तर जाऊँ, श्याम तर जाऊँ,
    हे राम तर जाऊँ
  • श्री राम आरती - श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन - अर्थ सहित
    श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन
    हरण भवभय दारुणम्।
    नवकंज-लोचन कंज-मुख
    कर-कंज पद-कंजारुणम्॥
    श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन - हे मन, कृपालु (कृपा करनेवाले, दया करनेवाले) भगवान श्रीरामचंद्रजी का भजन कर
  • ऐसें मेरे मन में विराजिये
    Aise mere man mein virajiye
    ki mai bhool jaoon kaam dhaam
    Gaoon bas tera naam
    Sita Ram Sitaram,
    Sita Ram Sitaram
  • उठे तो बोले राम, बैठे तो बोले राम
    Uthe to bole Ram,
    baithe to bole Ram.
    Yo to Ramabhakt Hanuman,
    bole Ram Ram Ram.
  • जहाँ ले चलोगे, वहीं मैं चलूँगा
    जहाँ ले चलोगे, वहीं मैं चलूँगा।
    जहां नाथ रख लोगे, वहीं मैं रहूँगा॥
    यह जीवन समर्पित, चरण में तुम्हारे।
    तुम्ही मेरे सर्वस्व, तुम्ही प्राण प्यारे।
  • हम राम जी के, रामजी हमारे हैं
    हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
    हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
    जो लाखो पापियों को तारे है
    जो अधमन को उद्धारे है
    हम उनकी शरण पधारे है
    हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
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Bhajan List

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Ram Bhajan Lyrics

  • सुंदरकाण्ड - 4
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    सुमुखि होति न त जीवन हानी॥
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    Bole bole Hanuman
    Bolo bhakto Siya Ram
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    banate bigade kaam
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    जामवंत के बचन सुहाए।
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    तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई।
    सहि दुख कंद मूल फल खाई॥
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Bhajans and Aarti

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Bhakti Geet Lyrics

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