Tere Charan Mere Mathura Kashi – Hindi

तेरे चरण मेरे मथुरा काशी
बनवारी ब्रज के वासी
अँखियाँ दर्शन की मतवारी
मनमोहन मन के वासी

Anup Jalota

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Tere Charan Mere Mathura Kashi


तेरे चरण मेरे मथुरा काशी
बनवारी ब्रज के वासी
अँखियाँ दर्शन की मतवारी
मनमोहन मन के वासी

तेरे चरण मेरे मथुरा काशी
बनवारी ब्रज के वासी


तू घट घट मे है समाया
तेरी महिमा मैं क्या गाऊँ
सब मैने तुमसे पाया
तुमको अब क्या भेट चढ़ाऊँ

तू घट घट मे है समाया
तेरी महिमा मैं क्या गाऊँ
सब मैने तुमसे पाया
तुमको अब क्या मैं भेट चढ़ाऊँ

तू ही सबका रखवाला प्रभु
तू मन का ज्योत प्रकाशी
अँखिया दर्शन की मतवारी
मनमोहन मन के वासी


तेरी बंसी की धुन बाजी
सबकी सुध बुध खोने लागी
बंसी वट की छईयाँ में
तेरी मुरली हर पल गाती

तेरी बंसी की धुन बाजी
सबकी सुध बुध खोने लागी
बंसी वट की छईयाँ में
तेरी मुरली हर पल गाती

तेरा मोर मुकुट सांवली सूरत
अँखिया इस छवि की प्यासी

अँखिया दर्शन की मतवारी
मनमोहन मन के वासी


मेरा मन तेरा मंदिर है
भगवान इसमें तू ही समाया
मेरे रोम रोम अंतर में
तुने भक्ति का दीप जलाया

मेरा मन तेरा मंदिर है
भगवान इसमें तू ही समाया
मेरे रोम रोम अंतर में
तुने भक्ति का दीप जलाया

तेरी शरण मे हूँ, मोहे अपना ले
तेरे द्वार खड़ा अभिलाषी

अँखिया दर्शन की मतवारी
मनमोहन मन के वासी


तेरे चरण मेरे मथुरा काशी
बनवारी ब्रज के वासी
अँखियाँ दर्शन की मतवारी
मनमोहन मन के वासी


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  • सुंदरकाण्ड - 15
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    चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो शिव जी के चरणों में सर को झुकाए। करें अपने तन मन को गंगा सा पावन जपें नाम शिव का भजन इनके गाएं॥
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    भगवान मेरी नैया,
    तुम पार लगा देना।
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    और देखते देखते प्रेम ऐसा बढ़ गया कि वह (रावणदूत शुक) छिपाना भूल कर रामचन्द्रजीके स्वभावकी प्रकटमें प्रशंसा करने लगा॥
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