Mujhe Raas Aa Gaya Hai – Hindi

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
मुझे कौन जानता था,
तेरी बंदगी से पहले
तेरी याद ने बना दी,
मेरी ज़िन्दगी फ़साना

Mujhe Raas Aa Gaya Hai


मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना


तुझे मिल गई पुजारिन,
मुझे मिल गया ठिकाना

मुझे कौन जानता था,
तेरी बंदगी से पहले

तेरी याद ने बना दी,
मेरी ज़िन्दगी फ़साना

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना


मुझे इसका गम नहीं है
की बदल गया ज़माना

मेरी ज़िन्दगी के मालिक
कहीं तुम बदल न जाना

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना


यह सर वो सर नहीं है,
जिसे रख दूँ फिर उठा लूं

जब चढ़ गया चरण में,
आता नहीं उठाना

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना


तेरी सांवरी सी सुरत,
मेरे मन में बस गयी है

ऐ सांवरे सलोने,
अब और ना सताना

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना


मेरी आरजु यही है,
दम निकले तेरे दर पे

अभी सांस चल रही है,
कहीं तुम चले ना जाना

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना


दुनियां की खा के ठोकर
मैं आया तेरे द्वारे

मेरे मुरली वाले मोहन,
अब और ना सताना

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना


For more bhajans from category, Click -

-
-

_

Krishna Bhajans

_

Bhajan List

Krishna Bhajans – Hindi
Ram Bhajans – Hindi
Bhajan, Aarti, Chalisa, Dohe – Hindi List

_
_

Krishna Bhajan Lyrics

_
_

Bhajans and Aarti

  • हरी नाम सुमर सुखधाम
    झूठ कपट कर माया जोड़ी,
    गर्व करे धन का।
    गिर गई देह बिखर गई काया,
    ज्यूँ माला मनका॥
  • दया कर, दान भक्ति का
    दया कर, दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना।
    दया करना, हमारी आत्मा को शुद्धता देना॥
    हमारे ध्यान में आओ, प्रभु आँखों में बस जाओ।
    अंधेरे दिल में आकर के परम ज्योति जगा देना॥
  • सुंदरकाण्ड - 10
    चलत महाधुनि गर्जेसि भारी।
    गर्भ स्रवहिं सुनि निसिचर नारी॥
    नाघि सिंधु एहि पारहि आवा।
    सबद किलिकिला कपिन्ह सुनावा॥
    जाते समय हनुमानजीने ऐसी भारी गर्जना की, कि जिसको सुनकर राक्षसियोंके गर्भ गिर गये॥
  • सुंदरकाण्ड - सरल हिंदी में (1)
    जामवंत के बचन सुहाए।
    सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥
    तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई।
    सहि दुख कंद मूल फल खाई॥
    जाम्बवान के सुहावने वचन सुनकर हनुमानजी को अपने मन में वे वचन बहुत अच्छे लगे॥
  • शिर्डी साईं द्वारकामाई
    साईं राम, राधे श्याम
    मेघ श्याम, सुन्दर नाम
    शिर्डी साईं, द्वारका माई
    सर्वान्तर्यामी साईं राम
  • मेरे दाता के दरबार में
    मेरे दाता के दरबार में, सब लोगो का खाता।
    जो कोई जैसी करनी करता, वैसा ही फल पाता॥
    क्या साधू क्या संत गृहस्थी, क्या राजा क्या रानी।
    प्रभू की पुस्तक में लिक्खी है, सबकी कर्म कहानी।
    अन्तर्यामी अन्दर बैठा, सबका हिसाब लगाता॥
  • सुंदरकाण्ड - चौपाई और दोहे - Audio - 5
    पूँछहीन बानर तहँ जाइहि।
    तब सठ निज नाथहि लइ आइहि॥
    जिन्ह कै कीन्हिसि बहुत बड़ाई।
    देखउ मैं तिन्ह कै प्रभुताई॥
  • सुंदरकाण्ड - चौपाई और दोहे - Audio - 8
    ऐहि बिधि करत सप्रेम बिचारा।
    आयउ सपदि सिंदु एहिं पारा॥
    कपिन्ह बिभीषनु आवत देखा।
    जाना कोउ रिपु दूत बिसेषा॥
  • देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा
    देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा
    देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा
    ज्वाला सी जलती है आँखो मे जिसके भी
    दिल मे तेरा नाम है
    परवाह ही क्या उसका आरंभ कैसा है
    और कैसा परिणाम है
  • संत कबीर के दोहे - भक्ति + अर्थसहित
    - कामी क्रोधी लालची, इनसे भक्ति ना होय।
    - भक्ति बिन नहिं निस्तरे, लाख करे जो कोय।
    - भक्ति भक्ति सब कोई कहै, भक्ति न जाने भेद।
    - भक्ति जु सीढ़ी मुक्ति की, चढ़े भक्त हरषाय।
_
_

Bhakti Geet Lyrics

_