Madhurashtakam – Adharam Madhuram – with Meaning

Krishna Mantra Jaap (श्री कृष्ण मंत्र जाप)

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय हरे राम – हरे कृष्ण श्री कृष्ण शरणम ममः
हरे कृष्ण हरे कृष्ण – कृष्ण कृष्ण हरे हरे – हरे राम हरे राम – राम राम हरे हरे
Krishna Bhajan
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मधुराष्टकम – अर्थ साहित – अधरं मधुरं वदनं मधुरं


  • मधुर – pleasant, pleasing
  • मधुर – मनभावन, आकर्षक, सुंदर, सौम्य, मनोहर, सुहावना, प्रीतिकर, सुखकर

अधरं मधुरं वदनं मधुरं,
नयनं मधुरं हसितं मधुरम्।
हृदयं मधुरं गमनं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥
(मधुराधिपते अखिलं मधुरम्)

अर्थ (Meaning in Hindi):

  • अधरं मधुरं – श्री कृष्ण के होंठ मधुर हैं
  • वदनं मधुरंमुख मधुर है
  • नयनं मधुरंनेत्र (ऑंखें) मधुर हैं
  • हसितं मधुरम्मुस्कान मधुर है
  • हृदयं मधुरंहृदय मधुर है
  • गमनं मधुरंचाल भी मधुर है
  • मधुराधिपतेमधुराधिपति (मधुरता के ईश्वर श्रीकृष्ण)
  • अखिलं मधुरम्सभी प्रकार से मधुर है

भावार्थ:

श्री मधुराधिपति (श्री कृष्ण) का सभी कुछ मधुर है। उनके अधर (होंठ) मधुर है, मुख मधुर है, नेत्र मधुर है, हास्य (मुस्कान) मधुर है, हृदय मधुर है और चाल (गति) भी मधुर है॥

अधरं मधुरं वदनं मधुरं, नयनं मधुरं हसितं मधुरम्
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वचनं मधुरं चरितं मधुरं,
वसनं मधुरं वलितं मधुरम्।
चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥
(मधुराधिपते अखिलं मधुरम्)

अर्थ (Meaning in Hindi)

  • वचनं मधुरं – भगवान श्रीकृष्ण के वचन (बोलना) मधुर है
  • चरितं मधुरंचरित्र मधुर है
  • वसनं मधुरंवस्त्र मधुर हैं
  • वलितं मधुरम् – वलय, कंगन मधुर हैं
  • चलितं मधुरंचलना मधुर है
  • भ्रमितं मधुरंभ्रमण (घूमना) मधुर है
  • मधुराधिपते – मधुरता के ईश्वर श्रीकृष्ण (मधुराधिपति)
  • अखिलं मधुरम् – आप (आपका) सभी प्रकार से मधुर है

भावार्थ:

श्री मधुराधिपति (भगवन श्री कृष्ण) का सभी कुछ मधुर है। उनका बोलना (वचन) मधुर है, चरित्र मधुर है, वस्त्र मधुर है, वलय मधुर है, चाल मधुर है और घूमना (भ्रमण) भी अति मधुर है।

वचनं मधुरं चरितं मधुरं, वसनं मधुरं वलितं मधुरम्
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वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः,
पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ।
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥

अर्थ (Stotra Meaning in Hindi):

  • वेणुर्मधुरो – श्री कृष्ण की वेणु मधुर है, बांसुरी मधुर है
  • रेणुर्मधुरःचरणरज मधुर है, उनको चढ़ाये हुए फूल मधुर हैं
  • पाणिर्मधुरःहाथ (करकमल) मधुर हैं
  • पादौ मधुरौचरण मधुर हैं
  • नृत्यं मधुरंनृत्य मधुर है
  • सख्यं मधुरंमित्रता मधुर है
  • मधुराधिपते – हे श्रीकृष्ण (मधुराधिपति)
  • अखिलं मधुरम् – आप (आपका) सभी प्रकार से मधुर है

भावार्थ:

भगवान् कृष्ण की वेणु मधुर है, बांसुरी मधुर है चरणरज मधुर है, करकमल (हाथ) मधुर है, चरण मधुर है, नृत्य मधुर है, और सख्या (मित्रता) भी अति मधुर है। श्री मधुराधिपति कृष्ण का सभी कुछ मधुर है॥

वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः, पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ
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गीतं मधुरं पीतं मधुरं,
भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम्।
रूपं मधुरं तिलकं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥

अर्थ (Meaning in Hindi):

  • गीतं मधुरं – श्री कृष्ण के गीत मधुर हैं
  • पीतं मधुरंपीताम्बर मधुर है
  • भुक्तं मधुरंभोजन (खाना) मधुर है
  • सुप्तं मधुरम्शयन (सोना) मधुर है
  • रूपं मधुरंरूप मधुर है
  • तिलकं मधुरंतिलक (टीका) मधुर है
  • मधुराधिपते – हे भगवान् कृष्ण (मधुराधिपति)
  • अखिलं मधुरम् – आप (आपका) सभी प्रकार से मधुर है

भावार्थ:

श्री मधुराधिपति कृष्ण का सभी कुछ मधुर है। उनके गीत (गान) मधुर है, पान (पीताम्बर) मधुर है, भोजन मधुर है, शयन मधुर है। उनका रूप मधुर है, और तिलक (टिका) भी अति मधुर है।

गीतं मधुरं पीतं मधुरं, भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम्
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करणं मधुरं तरणं मधुरं,
हरणं मधुरं रमणं मधुरम्।
वमितं मधुरं शमितं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥

अर्थ (Stotra Meaning in Hindi):

  • करणं मधुरंकार्य मधुर हैं
  • तरणं मधुरं – तारना मधुर है (दुखो से तारना, उद्धार करना)
  • हरणं मधुरं – हरण मधुर है (दुःख हरणा)
  • रमणं मधुरम्रमण मधुर है
  • वमितं मधुरंउद्धार मधुर हैं
  • शमितं मधुरंशांत रहना मधुर है
  • मधुराधिपते – हे भगवान् कृष्ण (मधुराधिपति)
  • अखिलं मधुरम् – आप (आपका) सभी प्रकार से मधुर है

भावार्थ:

श्री कृष्ण, श्री मधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है। उनक कार्य मधुर है, उनका तारना, दुखो से उबरना मधुर है। दुखो का हरण मधुर है। उनका रमण मधुर है, उद्धार मधुर है और शांति भी अति मधुर है।

करणं मधुरं तरणं मधुरं, हरणं मधुरं रमणं मधुरम्
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गुंजा मधुरा माला मधुरा,
यमुना मधुरा वीची मधुरा।
सलिलं मधुरं कमलं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥

अर्थ (Meaning in Hindi):

  • गुंजा मधुरागर्दन मधुर है
  • माला मधुरामाला भी मधुर है
  • यमुना मधुरायमुना मधुर है
  • वीची मधुरायमुना की लहरें मधुर हैं
  • सलिलं मधुरंयमुना का पानी मधुर है
  • कमलं मधुरंयमुना के कमल मधुर हैं
  • मधुराधिपते – हे भगवान् कृष्ण (मधुराधिपति)
  • अखिलं मधुरम् – आप (आपका) सभी प्रकार से मधुर है

भावार्थ:

श्री कृष्ण की गुंजा मधुर है, माला भी मधुर है। यमुना मधुर है, उसकी तरंगे भी मधुर है, उसका जल मधुर है और कमल भी अति मधुर है। श्री मधुराधिपति कृष्ण का सभी कुछ मधुर है॥

गुंजा मधुरा माला मधुरा, मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्
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गोपी मधुरा लीला मधुरा,
युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरम्।
दृष्टं मधुरं शिष्टं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥

अर्थ (Meaning in Hindi):

  • गोपी मधुरागोपियाँ मधुर हैं
  • लीला मधुराकृष्ण की लीला मधुर है
  • युक्तं मधुरं – उनक संयोग मधुर है
  • मुक्तं मधुरम्वियोग मधुर है
  • दृष्टं मधुरंनिरिक्षण (देखना) मधुर है
  • शिष्टं मधुरंशिष्टाचार (शिष्टता) भी मधुर है
  • मधुराधिपते – हे भगवान् कृष्ण (मधुराधिपति)
  • अखिलं मधुरम् – आप (आपका) सभी प्रकार से मधुर है

भावार्थ:

श्री मधुराधिपति का सभी कुछ मधुर है। उनकी गोपिया मधुर है, उनकी लीला मधुर है, उनक सयोग मधुर है, वियोग मधुर है, निरिक्षण मधुर (देखना) है और शिष्टाचार भी मधुर है।

गोपी मधुरा लीला मधुरा, युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरम्
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गोपा मधुरा गावो मधुरा,
यष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा।
दलितं मधुरं फलितं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥

अर्थ (Stotra Meaning in Hindi):

  • गोपा मधुरागोप मधुर हैं
  • गावो मधुरागायें मधुर हैं
  • यष्टिर्मधुरालकुटी (छड़ी) मधुर है
  • सृष्टिर्मधुरासृष्टि (रचना) मधुर है
  • दलितं मधुरंदलन (विनाश करना) मधुर है
  • फलितं मधुरंफल देना (वर देना) मधुर है
  • मधुराधिपते – हे भगवान् कृष्ण (मधुराधिपति)
  • अखिलं मधुरम् – आप (आपका) सभी प्रकार से मधुर है
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Krishna Bhajans

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कृष्ण भक्ति

जिनका मुख मधुर मुस्कानसे विकसित है, रत्नभूषित हाथ में सुन्दर मुरली है, गलेमें परम मनोहर मणियोंका हार हैँ, कमलके समान मुख है, जो दाता है, नवघन सदृश नीलवर्ण हैं और सुन्दर गोपकुमारोंसे घिरे हुए है, उन परमपुरुष आदिनारायण श्रीकृष्णको नमस्कार करता हूँ।

जो सुवर्णमय कमलकी माला धारण करते है, केशी और कंस आदि के काल है रणभूमिमें अति विकराल है और समस्त लोकोंके प्रतिपालक है, वे बालगोपाल मेरे ह्रदय में बसे।

सज्जनोके हितकारी, परमानंदसमूहकी वर्षा करनेवाले मेघ, लक्ष्मीनिवास नन्दनन्दन श्रीगोविन्दकी मैं वन्दना करता हूँ।

जिनकी कृपा गूँगेको को वक्ता बना देती है और अपाहिज को भी पर्वत-लाँघनेमे समर्थ कर देती है, उन परमानन्द स्वरुप माधवकी मै वन्दना करता हूँ।

कंस और चाणूरका वध करनेवाले, देवकीके आनंदवर्धन, वसुदेवनन्दन, जगद्गुरु श्रीकृष्णचन्द्रकी में वन्दना करता हूँ।

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Madhurashtakam – Adharam Madhuram – Meaning

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ईश्वर महिमा

संसार के मालिक ने, संसार रचाया है।
संसार रचाया है, कण कण में समाया है॥

पतझड़ में, बहारों में , फूलों में, खारों में।
तेरा रूप झलकता है रंगीन नजारों में।
जगदीश तेरी महिमा कोई जान ना पाया है॥॥
संसार के मालिक ने, संसार रचाया है।
संसार रचाया है, कण कण में समाया है॥

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मधुराष्टकम – अधरं मधुरं वदनं मधुरं


अधरं मधुरं वदनं मधुरं,
नयनं मधुरं हसितं मधुरम्।

अधरं मधुरं वदनं मधुरं,
नयनं मधुरं हसितं मधुरम्।


हृदयं मधुरं गमनं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥
(मधुराधिपते अखिलं मधुरम्)

वचनं मधुरं चरितं मधुरं,
वसनं मधुरं वलितं मधुरम्।

चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥
(मधुराधिपते अखिलं मधुरम्)


वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः,
पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ।

नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥


गीतं मधुरं पीतं मधुरं,
भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम्।

रूपं मधुरं तिलकं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥


करणं मधुरं तरणं मधुरं,
हरणं मधुरं रमणं मधुरम्।

वमितं मधुरं शमितं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥


गुंजा मधुरा माला मधुरा,
यमुना मधुरा वीची मधुरा।

सलिलं मधुरं कमलं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥


गोपी मधुरा लीला मधुरा,
युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरम्।

दृष्टं मधुरं शिष्टं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥


गोपा मधुरा गावो मधुरा,
यष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा।

दलितं मधुरं फलितं मधुरं,
मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥
(मधुराधिपते अखिलं मधुरम्)


इति श्रीमद्वल्लभाचार्यविरचितं
मधुराष्टकं सम्पूर्णं।

अधरं मधुरं वदनं मधुरं,
नयनं मधुरं हसितं मधुरम्।

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Madhurashtakam – Adharam Madhuram

Adharam madhuram, vadanam madhuram,
nayanam madhuram, hasitam madhuram.

Hridayam madhuram, gamanam madhuram,
madhuradhipate akhilam madhuram.
(Madhuradhipaterakhilam madhuram.)

Vachanam madhuram, charitam madhuram,
vasanam madhuram, valitam madhuram.

Chalitam madhuram, bhramitam madhuram,
madhuradhipate akhilam madhuram.

Venur-madhuro, renur-madhurah,
paanir-madhurah, paadau madhurau.

Nrityam madhuram, sakhyam madhuram,
madhuradhipate akhilam madhuram.

Geetam madhuram, peetam madhuram,
bhuktam madhuram, suptam madhuram.

Roopam madhuram, tilakam madhuram,
madhuradhipate akhilam madhuram.

Karanam madhuram, taranam madhuram,
haranam madhuram, ramanam madhuram.

Vamitam madhuram, shamitam madhuram,
madhuradhipate akhilam madhuram.

Gunja madhura, maala madhura,
yamuna madhura, veechee madhura.

Salilam madhuram, kamalam madhuram,
madhuradhipate akhilam madhuram.

Gopi madhura, leela madhura,
yuktam madhuram muktam madhuram.

Drishtam madhuram, shishtam madhuram,
madhuradhipate akhilam madhuram.

Gopa madhura, gaavo madhura,
yashtir-madhura srishtir-madhura.

Dalitam madhuram, phalitam madhuram,
madhuradhipate akhilam madhuram.

Iti Shrimad-Vallabhacharya virachitam
Madhurashtakan sampoornam.

Krishna Bhajans

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