Sai Ki Nagariya Jaana Hai Re Bande – Hindi

साई की नगरिया जाना है रे बंदे
जग नाही अपना, जग नाही अपना,
जाना है रे बंदे, जाना है रे बंदे

 Hari Om Sharan

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Sai Ki Nagariya Jaana Hai Re Bande – Kabir Bhajan


साई की नगरिया जाना है रे बंदे
जाना है रे बंदे

जग नाही अपना, जग नाही अपना,
बेगाना है रे बंदे
जाना है रे बंदे, जाना है रे बंदे

साई की नगरिया, जाना है रे बंदे,
जाना है रे बंदे


पत्ता टूटा डारि से,
ले गयी पवन उड़ाय।
अब के बिछुड़े ना मिलें,
दूर पड़ेंगे जाए॥

माली आवत देखि के
कलियन करी पुकार।
फूले फूले चुन लिए,
काल हमारी बार॥

साई की नगरिया, जाना है रे बंदे,
जाना है रे बंदे


चलती चाकी देखि कै,
दिया कबीरा रोय।
दुइ पाटन के बीच में,
साबुत बचा ना कोय॥

लूट सके तो लूट ले,
सत नाम की लूट।
पाछे फिर पछताओगे,
प्राण जाहिं जब छूट॥

साई की नगरिया, जाना है रे बंदे,
जाना है रे बंदे


माटी कहे कुम्हार से,
तू क्या रौंदे मोय।
एक दिन ऐसा आयेगा,
मैं रौन्धुगी तोय॥

लकड़ी कहे लुहार से,
तू मत जारै मोहि।
एक दिन ऐसा होयगा,
मैं जारुंगी तोहि॥

साई की नगरिया, जाना है रे बंदे,
जाना है रे बंदे


बंदे तू कर बंदगी,
तो पावै दीदार।
अवसर मानुस जन्म का,
बहुरि ना बारंबार॥

कबीरा सोया क्या करै,
जाग ना जपै मुरारि।
एक दिना है सोवना,
लंबे पाँव पसारि॥

साई की नगरिया, जाना है रे बंदे,
जाना है रे बंदे


साई की नगरिया, जाना है रे बंदे,
जाना है रे बंदे


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Kabir ke Dohe and Kabir Bhajans

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Bhajan List

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Kabir Bhajan Lyrics

  • नैया पड़ी मंझधार
    नैया पड़ी मंझधार,
    गुरु बिन कैसे लागे पार।
    अन्तर्यामी एक तुम्ही हो,
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    - भक्ति जु सीढ़ी मुक्ति की, चढ़े भक्त हरषाय।
  • बीत गये दिन भजन बिना रे - कबीर भजन
    बीत गये दिन भजन बिना रे।
    भजन बिना रे, भजन बिना रे॥
    बाल अवस्था खेल गवांयो।
    जब यौवन तब मान घना रे॥
  • संगति - कबीर के दोहे
    कबीर संगत साधु की, नित प्रति कीजै जाय।
    कबीर संगत साधु की, जौ की भूसी खाय।
    संगत कीजै साधु की, कभी न निष्फल होय।
    संगति सों सुख्या ऊपजे, कुसंगति सो दुख होय।
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Bhajans and Aarti

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Bhakti Geet Lyrics

Sai Ki Nagariya Jaana Hai Re Bande

साई की नगरिया जाना है रे बंदे, जाना है रे बंदे
जग नाही अपना, जग नाही अपना, बेगाना है रे बंदे
पत्ता टूटा डारि से, ले गयी पवन उड़ाय।
अब के बिछुड़े ना मिलें, दूर पड़ेंगे जाए॥

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