Man Lagyo Mero Yaar Fakiri Mein – Kabir Bhajan – Hindi

मन लाग्यो मेरो यार, फ़कीरी में
मन लाग्यो मेरो यार, फ़कीरी में
जो सुख पाऊँ नाम भजन में
सो सुख नाहिं अमीरी में

Shankar Mahadevan

Hari Om Sharan

_

Man Lagyo Mero Yaar Fakiri Mein – Kabir Bhajan


मन लाग्यो मेरो यार,
फ़कीरी में
मन लाग्यो मेरो यार, फ़कीरी में


जो सुख पाऊँ नाम भजन में
सो सुख नाहिं अमीरी में
मन लाग्यो मेरो यार
फ़कीरी में


भला बुरा सब का सुन लीजे
कर गुजरान गरीबी में
मन लाग्यो मेरो यार
फ़कीरी में


प्रेम नगर में रहनी हमारी
साहिब मिले सबूरी में
(भली बन आई सबूरी में)
मन लाग्यो मेरो यार
फ़कीरी में


हाथ में कुण्डी, बगल में सोंटा
चारो दिशा (दिसि ) जागीरी में
मन लाग्यो मेरो यार
फ़कीरी में


आखिर यह तन ख़ाक मिलेगा
कहाँ फिरत मग़रूरी में
मन लाग्यो मेरो यार
फ़कीरी में


कहत कबीर सुनो भाई साधो
साहिब मिले सबूरी में
मन लाग्यो मेरो यार
फ़कीरी में


मन लाग्यो मेरो यार
फ़कीरी में


For more bhajans from category, Click -

-
-

_

Kabir ke Dohe and Kabir Bhajans

  • गुरु महिमा - कबीर के दोहे
    - गुरु गोविंद दोऊँ खड़े, काके लागूं पांय।
    - गुरु आज्ञा मानै नहीं, चलै अटपटी चाल।
    - गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष।
    - सतगुरू की महिमा अनंत, अनंत किया उपकार।
  • बीत गये दिन भजन बिना रे
    बीत गये दिन भजन बिना रे।
    भजन बिना रे, भजन बिना रे॥
    बाल अवस्था खेल गवांयो।
    जब यौवन तब मान घना रे॥
  • कबीर के दोहे - सुमिरन + अर्थसहित
    - दु:ख में सुमिरन सब करै, सुख में करै न कोय।
    - कबीर सुमिरन सार है, और सकल जंजाल।
    - सांस सांस सुमिरन करो, और जतन कछु नाहिं॥
    - राम नाम सुमिरन करै, सतगुरु पद निज ध्यान।
  • साई की नगरिया जाना है रे बंदे
    साई की नगरिया जाना है रे बंदे
    जाना है रे बंदे
    जग नाही अपना, जग नाही अपना,
    बेगाना है रे बंदे
    जाना है रे बंदे, जाना है रे बंदे
  • मन का फेर - कबीर के दोहे
    - माला फेरत जुग गया, मिटा न मन का फेर।
    - माया मरी न मन मरा, मर मर गये शरीर।
    - न्हाये धोये क्या हुआ, जो मन का मैल न जाय।
    - मीन सदा जल में रहै, धोये बास न जाय॥
  • रे दिल गाफिल, गफलत मत कर
    रे दिल गाफिल, गफलत मत कर
    एक दिना जम आवेगा॥ टेक॥
    सौदा करने या जग आया।
    पूजी लाया मूल गॅंवाया॥
    सिर पाहन का बोझा लीता।
    आगे कौन छुडावेगा॥
  • माटी कहे कुम्हार से
    दुर्बल को ना सतायिये,
    जाकी मोटी हाय।
    बिना जीब के हाय से,
    लोहा भस्म हो जाए॥
  • संत कबीर के दोहे - भक्ति + अर्थसहित
    - कामी क्रोधी लालची, इनसे भक्ति ना होय।
    - भक्ति बिन नहिं निस्तरे, लाख करे जो कोय।
    - भक्ति भक्ति सब कोई कहै, भक्ति न जाने भेद।
    - भक्ति जु सीढ़ी मुक्ति की, चढ़े भक्त हरषाय।
  • झीनी झीनी बीनी चदरिया
    झीनी झीनी बीनी चदरिया
    काहे का ताना काहे की भरनी।
    कौन तार से बीनी चदरिया॥
    इदा पिङ्गला ताना भरनी।
    सुषुम्ना तार से बीनी चदरिया॥
  • केहि समुझावौ
    केहि समुझावौ सब जग अन्धा॥
    इक दु होयॅं उन्हैं समुझावौं
    सबहि भुलाने पेटके धन्धा।
    पानी घोड पवन असवरवा
    ढरकि परै जस ओसक बुन्दा॥
_

Bhajan List

Kabir Bhajans
Kabir ke Dohe
Bhajan, Aarti, Chalisa, Dohe – List

_
_

Kabir Bhajan Lyrics

  • तूने रात गँवायी सोय के - कबीर भजन
    तूने रात गँवायी सोय के,
    दिवस गँवाया खाय के।
    हीरा जनम अमोल था,
    कौड़ी बदले जाय॥
  • सतगुरु - कबीर के दोहे
    - सतगुरु सम कोई नहीं, सात दीप नौ खण्ड।
    - सतगुरु तो सतभाव है, जो अस भेद बताय।
    - तीरथ गये ते एक फल, सन्त मिले फल चार।
    - सतगुरु खोजो सन्त, जोव काज को चाहहु।
  • नैया पड़ी मंझधार
    नैया पड़ी मंझधार,
    गुरु बिन कैसे लागे पार।
    अन्तर्यामी एक तुम्ही हो,
    जीवन के आधार।
    जो तुम छोड़ो हाथ प्रभु जी, कौन उतारे पार॥
  • संगति - कबीर के दोहे
    कबीर संगत साधु की, नित प्रति कीजै जाय।
    कबीर संगत साधु की, जौ की भूसी खाय।
    संगत कीजै साधु की, कभी न निष्फल होय।
    संगति सों सुख्या ऊपजे, कुसंगति सो दुख होय।
  • साई की नगरिया जाना है रे बंदे
    साई की नगरिया जाना है रे बंदे
    जाना है रे बंदे
    जग नाही अपना, जग नाही अपना,
    बेगाना है रे बंदे
    जाना है रे बंदे, जाना है रे बंदे
_
_

Bhajans and Aarti

_
_

Bhakti Geet Lyrics

Man Lagyo Mero Yaar Fakiri Mein

मन लाग्यो मेरो यार, फ़कीरी में
जो सुख पाऊँ नाम भजन में
सो सुख नाहिं अमीरी में
मन लाग्यो मेरो यार, फ़कीरी में

_