Jag Janani Jai Jai Maa – Hindi

जगजननी जय जय माँ

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥
तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा।
सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥

 Anup Jalota

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Jag Janani Jai Jai Maa Jag Janani Jai Jai – Lyrics


जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा।
सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


आदि अनादि, अनामय, अविचल, अविनाशी।
अमल, अनन्त, अगोचर, अज आनन्दराशी॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


अविकारी, अघहारी, सकल कलाधारी।
कर्ता विधि भर्ता हरि हर संहारकारी॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


तू विधिवधू, रमा, तू उमा महामाया।
मूल प्रकृति, विद्या तू, तू जननी जाया॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


राम, कृष्ण, तू सीता, ब्रजरानी राधा।
तू वाँछा कल्पद्रुम, हारिणि सब बाधा॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


दश विद्या, नव दुर्गा, नाना शस्त्रकरा।
अष्टमातृका, योगिनि, नव-नव रूप धरा॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


तू परधाम निवासिनि, महा-विलासिनि तू।
तू ही शमशान विहारिणि, ताण्डव लासिनि तू॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


सुर-मुनि मोहिनि सौम्या, तू शोभाधारा।
विवसन विकट सरुपा, प्रलयमयी धारा॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


तू ही स्नेहसुधामयी, तू अति गरलमना।
रत्नविभूषित तू ही, तू ही अस्थि तना॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


मूलाधार निवासिनि, इहपर सिद्धिप्रदे।
कालातीता काली, कमला तू वर दे॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


शक्ति शक्तिधर तू ही, नित्य अभेदमयी।
भेद प्रदर्शिनि वाणी विमले वेदत्रयी॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


हम अति दीन दुखी माँ, विपट जाल घेरे।
हैं कपूत अति कपटी, पर बालक तेरे॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


निज स्वभाववश जननी, दयादृष्टि कीजै।
करुणा कर करुणामयी, चरण शरण दीजै॥

जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥


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Mata ke Bhajan

  • नवदुर्गा - माँ दुर्गा का चौथा रूप - माँ कूष्माण्डा
    माँ दुर्गाजीके चौथे स्वरूपका नाम कूष्माण्डा है।
    माँ कूष्माण्डा सृष्टिकी आदि-स्वरूपा और आदि शक्ति हैं।
    नवरात्र-पूजनके चौथे दिन कूष्माण्डा देवीके स्वरूपकी ही उपासना की जाती है।
    देवी की उपासनासे भक्तोंके समस्त रोग-शोक नष्ट हो जाते हैं।
  • माँ सरस्वती आरती - जय जय सरस्वती माता
    जय सरस्वती माता,
    जय जय सरस्वती माता।
    सद्दग़ुण वैभव शालिनि,
    त्रिभुवन विख्याता॥
    जय जय सरस्वती माता
  • या देवी सर्वभूतेषु मंत्र - दुर्गा मंत्र - अर्थ सहित
    या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
    या देवी सर्वभूतेषु दया-रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
  • आज अष्टमी की पूजा करवाउंगी
    आज अष्टमी की पूजा करवाउंगी
    ज्योत मैया जी की पावन जलाऊंगी
    अष्टमी का दिन तो होता है, मुरादे पाने का
    खोल के रखती द्वारा मैया,
    ममता भरे खजाने का
  • जगजननी जय जय माँ
    जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
    भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥
    तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा।
    सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥
  • मेरी मैया की चुनरी कमाल है
    मेरी मैया की चुनरी कमाल है,
    रंग सोना सोना लाल लाल है।
    मेरी मैया की चुनरी कमाल है,
    रंग सोना सोना लाल लाल है।
  • आओ मेरी शेरावाली माँ
    आओ मेरी शेरावाली माँ
    आओ मेरी ज्योतावाली माँ
    मेरे सोये भाग जगा दो
    ओ मैया मेरी जगदम्बे
  • बोलो माँ के जयकारे, मिट जाये संकट सारे
    तुम बोलो रे जयकारे, पहुचेंगे माँ के द्वारे
    पहुचेंगे माँ के द्वारे, माँ बैठी राह निहारे
    माँ बैठी राह निहारे, बैठी है खोल भंडारे
    जो बोलेगा जयकारे, माँ उसके भाग सँवारे
  • तेरे मंदिरों मे अमृत बरसे माँ
    तेरे मंदिरों में अमृत बरसे माँ,
    तेरे भक्तों के मन की प्यास बुझी,
    अब रूह किसी की ना तरसे माँ
    मिट जाता अन्धकार दिलों का,
    आखे है खुल जातीं
  • सन्तोषी माता आरती
    जय सन्तोषी माता,
    मैया सन्तोषी माता।
    अपने सेवक जन की,
    सुख सम्पत्ति दाता॥
    जय सन्तोषी माता॥
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Bhajan List

Maa Sherawali Bhajan – Hindi
Devi Aarti – Hindi
Bhajan, Aarti, Chalisa, Dohe – List

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Durga Bhajan Lyrics

  • माँ लक्ष्मी जी की आरती
    ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
    तुम को निश दिन सेवत, हर-विष्णु-धाता॥
    दुर्गा रूप निरंजनि, सुख-सम्पति दाता
    जिस घर तुम रहती, सब सद्‍गुण आता
    ॐ जय लक्ष्मी माता
  • दुर्गा आरती - जय अम्बे गौरी
    जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
    तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिव री॥
    (श्री) अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।
    कहत शिवानंद स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
    ॥मैया जय अम्बे गौरी॥
  • नवदुर्गा - माँ दुर्गा का छठवां रूप - कात्यायनी देवी
    माँ दुर्गा का छठवां स्वरूप - माँ कात्यायनी
    नवरात्रि का छठा दिन माँ कात्यायनी की उपासना का दिन होता है।
    इनके पूजन से अद्भुत शक्ति का संचार होता है।
    दुश्मनों का संहार करने में देवी सक्षम बनाती हैं।
  • शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये
    शेर पे सवार होके आजा शेरा वालिये
    सोये हुए भाग्य जगा जा शेरावालिये
    शेरा वालिये, माँ ज्योता वालिये
    ज्योत माँ जगा के तेरी आस ये लगाई है
    जिन का ना कोई उनकी, तुही माँ सहाई है
    रौशनी अंधेरो में दिखा जा शेरावालिये
  • Jai Laxmi Ramana - Hindi
    जय लक्ष्मीरमणा,
    श्री लक्ष्मी रमणा।
    सत्यनारायण स्वामी,
    सत्यनारायण स्वामी,
    जन पातक हरणा॥
    ॐ जय लक्ष्मी रमणा॥

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Bhajans and Aarti

  • सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
    सिद्धि विनायक मङ्गल दाता,
    मङ्गल कर दो काज
    आये हैं हम शरण तुम्हारी,
    शरण तुम्हारी आज
  • मेरी लगी श्याम संग प्रीत
    मेरी लगी श्याम संग प्रीत,
    ये दुनिया क्या जाने
    मुझे मिल गया मन का मीत,
    ये दुनिया क्या जाने
    क्या जाने कोई क्या जाने
  • हे नाथ अब तो ऐसी दया हो
    हे नाथ अब तो ऐसी दया हो
    जीवन निरर्थक जाने न पाए
    ये मन ना जाने क्या क्या कराये
    कुछ बन ना पाए मेरे बनाये
  • सुंदरकाण्ड - 3
    सुनहु पवनसुत रहनि हमारी।
    जिमि दसनन्हि महुँ जीभ बिचारी॥
    तात कबहुँ मोहि जानि अनाथा।
    करिहहिं कृपा भानुकुल नाथा॥
    विभीषण कहते है की हे हनुमानजी! हमारी रहनी हम कहते है सो सुनो। जैसे दांतों के बिचमें बिचारी जीभ रहती है, ऐसे हम इन राक्षसोंके बिच में रहते है॥
  • सुंदरकाण्ड - 5
    तब देखी मुद्रिका मनोहर।
    राम नाम अंकित अति सुंदर॥
    चकित चितव मुदरी पहिचानी।
    हरष बिषाद हृदयँ अकुलानी॥
    फिर सीताजीने उस मुद्रिकाको देखा तो वह सुन्दर मुद्रिका रामचन्द्रजीके मनोहर नामसे अंकित हो रही थी अर्थात उसपर श्री राम का नाम खुदा हुआ था॥
  • श्री विष्णु चालीसा
    नमो विष्णु भगवान खरारी।
    कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥
    प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी।
    त्रिभुवन फैल रही उजियारी॥
  • जय जय नारायण नारायण, हरि हरि
    जय जय नारायण नारायण, हरि हरि
    स्वामी नारायण नारायण, हरि हरि
    प्रभु के नाम का पारस जो छूले, वो हो जाए सोना
    दो अक्षर का शब्द हरि है, लकिन बड़ा सलोना
    तेरी लीला सब से न्यारी न्यारी, हरि हरि
    तेरी महिमा प्रभु है प्यारी प्यारी, हरि हरि
  • कबीर के दोहे - List
    गुरु गोविंद दोऊँ खड़े
    दु:ख में सुमिरन सब करै
    भक्ति बिन नहिं निस्तरे
    कबीर संगत साधु की
  • जैसे वीराने में कोई बस्ती
    जैसे वीराने में कोई बस्ती
    सूनी महफ़िल में आ जाये मस्ती
    जैसे पतझड़ में फूल खिल गया
    मेरा सांवरा मुझे मिल गया
  • गणेश आरती - List
    जय गणेश, जय गणेश देवा
    सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची
    जय देव, जय देव, जय मंगलमूर्ती
    गणपति की सेवा मंगल मेवा
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Bhakti Geet Lyrics

  • मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
    मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
    भोले बाबा जी की आँखों के तारे
    प्रभु सभा बीच में आ जाना, आ जाना
    मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
  • हे शिव शंकर नटराजा
    हे शिव शंकर नटराजा,
    मैं तो जनम-जनम का दास तेरा
    निसदिन मैं नाम जपू तेरा
    शिव शिव, शिव शिव, गुंजत मन मेंरा
  • श्री कृष्ण भजन - List - 3
    प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी
    प्रभु हम पे कृपा करना
    प्रभु हम पे दया करना
    बंसी वाले बतला, तेरा कहा ठिकाना है
  • मेरे गणपति बेडा पार करो
    मेरे गणपति बेडा पार करो,
    रस भक्ति का हर बार भरो
    मन मंदिर पावन हो जाये
    मुझे मे ऐसा ही ज्ञान भरो
  • तुम ही हो माता, पिता तुम्ही हो
    तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो।
    तुम्ही हो बंधू सखा तुम्ही हो॥
    तुम ही हो साथी, तुम ही सहारे
    कोई ना अपना सिवा तुम्हारे।
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