Shiv Aarti – Sheesh Gang Ardhang Parvati – Hindi

शीश गंग अर्धांग पार्वती,
सदा विराजत कैलासी।
नंदी भृंगी नृत्य करत हैं,
धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

Rajendra Jain


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Sheesh Gang Ardhang Parvati – Lyrics in Hindi


शीश गंग अर्धांग पार्वती,
सदा विराजत कैलासी
नंदी
भृंगी नृत्य करत हैं,
धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

Shiv Ardhang Parvati

शिव अर्धनारीश्वर – (Shiv – Ardhnarishwar)

अर्धांग पार्वती – सृष्टि के निर्माण हेतु भगवान् शिव ने अपनी शक्ति को स्वयं से पृथक (अलग) किया। इसलिए, अर्धनारीश्वर रूप में, आधे शरीर में वे शिव थे तथा आधे में शिवा (पार्वती)


शीश गंग अर्धांग पार्वती,
सदा विराजत कैलासी

नंदी भृंगी नृत्य करत हैं,
धरत ध्यान सुर सुखरासी॥


शीतल मन्द सुगन्ध पवन बह
बैठे हैं शिव अविनाशी।

करत गान-गन्धर्व सप्त स्वर
राग रागिनी मधुरासी॥


यक्ष-रक्ष-भैरव जहां डोलत,
बोलत हैं वनके वासी।

कोयल शब्द सुनावत सुन्दर,
भ्रमर करत हैं गुंजा-सी॥


कल्पद्रुम (कल्पवृक्ष) अरु पारिजात तरु
लाग रहे हैं लक्षासी।

कामधेनु कोटिन जहां डोलत
करत दुग्ध की वर्षा-सी॥


सूर्यकान्त सम पर्वत शोभित,
चन्द्रकान्त सम हिमराशी।

नित्य छहों ऋतु रहत सुशोभित
सेवत सदा प्रकृति दासी॥


ऋषि मुनि देव दनुज नित सेवत,
गान करत श्रुति गुणराशी।

ब्रह्मा, विष्णु निहारत निसिदिन,
कछु शिव हम को फरमासी॥


ऋद्धि-सिद्धि के दाता शंकर
नित सत् चित् आनन्दराशी।

जिनके सुमिरत ही कट जाती
कठिन काल यमकी फांसी॥


त्रिशूलधरजी का नाम निरन्तर
प्रेम सहित जो नर गासी।

दूर होय विपदा उस नर की
जन्म-जन्म शिवपद पासी॥


कैलासी काशी के वासी
अविनाशी मेरी सुध लीजो

सेवक जान सदा चरनन को
अपनो जान कृपा कीजो॥


तुम तो प्रभुजी सदा दयामय
अवगुण मेरे सब ढकियो।

सब अपराध क्षमाकर शंकर
किंकर की विनती सुनियो


शीश गंग अर्धांग पार्वती,
सदा विराजत कैलासी।

नंदी भृंगी नृत्य करत हैं,
धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय


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Shiv Bhajan Lyrics

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    हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ,
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    मेरे जीवन की अनमिट कहानी है तू।
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    मिलता है सच्चा सुख केवल,
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    जय शिव ओंकारा, ओम जय शिव ओंकारा।
    ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
    ॥ओम जय शिव ओंकारा॥
  • श्री शिव चालीसा
    जय गिरिजा पति दीन दयाला।
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    भाल चन्द्रमा सोहत नीके।
    कानन कुण्डल नागफनी के॥
  • कैलाश के निवासी नमो बार बार
    कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,
    आयो शरण तिहारी भोले तार तार तू
    भक्तो को कभी शिव तुने निराश ना किया
    माँगा जिन्हें जो चाहा वरदान दे दिया
  • ऐसी सुबह ना आए
    ऐसी सुबह ना आए, आए ना ऐसी शाम।
    जिस दिन जुबा पे मेरी आए ना शिव का नाम॥
    मन मंदिर में वास है तेरा, तेरी छवि बसाई।
    प्यासी आत्मा बनके जोगन, तेरी शरण में आई।
    ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
  • श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र - अर्थ सहित
    नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय
    भस्मांग रागाय महेश्वराय।
    पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः – जो कोई शिव के इस पंचाक्षर मंत्र का
    पठेत् शिव सन्निधौ – नित्य ध्यान करता है
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Bhakti Song Lyrics

शीश गंग अर्धंग पार्वती

शीश गंग अर्धंग पार्वती ,
सदा विराजत कैलासी।
नंदी भृंगी नृत्य करत हैं,
धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

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