Jai Ganesh Jai Ganesh Deva – Hindi

श्री गणेश आरती - जय गणेश जय गणेश देवा

जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा

सुरेश वाडकर (Suresh Wadkar)

_

Jai Ganesh Jai Ganesh Deva


जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा


एक दन्त दयावंत,
चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे,
मुसे की सवारी॥

पान चढ़े फुल चढ़े,
और चढ़े मेवा।
लडुवन का भोग लगे,
संत करे सेवा

जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा॥


अंधन को आँख देत,
कोढ़िन को काया
बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया

सुर श्याम शरण आये,
सफल किजे सेवा।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा

जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा


जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा


Shlok:

व्रकतुंड महाकाय,
सूर्यकोटी समप्रभाः।
निर्वघ्नं कुरु मे देव,
सर्वकार्येषु सर्वदा॥


For more bhajans from category, Click -

-
-

_

Shree Ganesh Bhajans

_

Bhajan List

Ganesh Bhajans – Hindi
Ganesh Aarti – Hindi
Bhajan, Aarti, Chalisa, Dohe – Hindi List

_
_

Ganesh Bhajan Lyrics

_

Bhajans and Aarti

  • दुर्गा आरती - जय अम्बे गौरी
    जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
    तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिव री॥
    (श्री) अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।
    कहत शिवानंद स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
    ॥मैया जय अम्बे गौरी॥
  • आरती जगजननी मैं तेरी गाऊं
    आरती जगजननी मैं तेरी गाऊं।
    तुम बिन कौन सुने वरदाती।
    किस को जाकर विनय सुनाऊं॥
    आरती जगजननी मैं तेरी गाऊं
  • या देवी सर्वभूतेषु मंत्र - दुर्गा मंत्र - अर्थ सहित
    या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
    या देवी सर्वभूतेषु दया-रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
  • नवदुर्गा - माँ दुर्गा के नौ रुप
    नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर माँ के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है। इन नव दुर्गा को पापों के विनाशिनी कहा जाता है।
    शैलपुत्री (Shailaputri)
    व्रह्मचारणी (Brahmacharini)
    चन्द्रघन्टा (Candraghanta)
    कूष्माण्डा (Kusamanda)
    स्कन्दमाता (Skandamata)
  • हनुमान आरती - आरती कीजै हनुमान लला की
    आरती कीजै हनुमान लला की।
    दुष्टदलन रघुनाथ कला की॥
    जाके बल से गिरिवर काँपै।
    रोग-दोष जाके निकट न झाँपै॥
  • शिव आरती - ओम जय शिव ओंकारा
    जय शिव ओंकारा, ओम जय शिव ओंकारा।
    ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
    ॥ओम जय शिव ओंकारा॥
  • माँ दुर्गा के 108 नाम - अर्थसहित
    अनन्ता: जिनके स्वरूप का कहीं अन्त नहीं
    अभव्या : जिससे बढ़कर भव्य कुछ नहीं
    महिषासुर-मर्दिनि: महिषासुर का वध करने वाली
    सर्वासुरविनाशा: सभी राक्षसों का नाश करने वाली
    माहेश्वरी: प्रभु शिव की शक्ति
  • सन्तोषी माता आरती
    जय सन्तोषी माता,
    मैया सन्तोषी माता।
    अपने सेवक जन की,
    सुख सम्पत्ति दाता॥
    जय सन्तोषी माता॥
  • ओम जय जगदीश हरे
    ओम जय जगदीश हरे,
    स्वामी जय जगदीश हरे।
    भक्त जनों के संकट,
    क्षण में दूर करे॥
    ओम जय जगदीश हरे
  • हे गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी
    हे गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी
    हे प्रिया पति, मैं करूँ आरती तेरी
    तुझपे ओ कान्हा बलि बलि जाऊं
    सांज सवेरे तेरे गुण गाउँ
  • जगजननी जय जय माँ
    जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय।
    भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥
    तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा।
    सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥
_
_

Bhakti Geet Lyrics

  • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
    आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की।
    नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की॥
    बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की।
    हाथी घोडा पालकी, जय कन्हैया लाल की॥
    जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की।
    हाथी घोडा पालकी, जय कन्हैया लाल की॥
  • सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
    सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
    मिल जाये तरुवर की छाया।
    ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
    मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम॥
  • सतगुरु - कबीर के दोहे
    - सतगुरु सम कोई नहीं, सात दीप नौ खण्ड।
    - सतगुरु तो सतभाव है, जो अस भेद बताय।
    - तीरथ गये ते एक फल, सन्त मिले फल चार।
    - सतगुरु खोजो सन्त, जोव काज को चाहहु।
  • मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है
    मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है।
    करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है॥
    हैरान है ज़माना, मंजिल भी मिल रही है।
    करता नहीं मैं कुछ भी, सब काम हो रहा है॥
  • Updated - श्री बद्रीनाथ स्तुति
    पवन मंद सुगंध शीतल,
    हेम मंदिर शोभितम्।
    निकट गंगा बहती निर्मल,
    श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम्॥

Jai Ganesh Jai Ganesh Deva – Shri Ganesh Aarti

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दन्त दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे, मुसे की सवारी॥

_